Ashadh Gupta Navratri 2026: इस दिन से शुरू होंगे गुप्त नवरात्रि, मनोकामना पूर्ति के लिए ऐसे करें मां दुर्गा की पूजा; जानें घटस्थापना का मुहूर्त और 9 दिनों का पूरा कैलेंडर

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हिंदू धर्म में आषाढ़ महीने की गुप्त नवरात्रि का खास महत्व होता है। यह नवरात्रि आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष से शुरू होती है और नवमी के दिन खत्म होती है। मान्यता है कि जो भी भक्त इन दिनों सच्चे दिल से मां दुर्गा की पूजा करता है, उसकी हर इच्छा पूरी होती है। इस नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा तो होती ही है, साथ ही 10 देवियों की भी पूजा की जाती है। इन देवियों के नाम हैं, मां काली, मां तारा, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और…

हिंदू धर्म में आषाढ़ महीने की गुप्त नवरात्रि का खास महत्व होता है। यह नवरात्रि आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष से शुरू होती है और नवमी के दिन खत्म होती है। मान्यता है कि जो भी भक्त इन दिनों सच्चे दिल से मां दुर्गा की पूजा करता है, उसकी हर इच्छा पूरी होती है। इस नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा तो होती ही है, साथ ही 10 देवियों की भी पूजा की जाती है। इन देवियों के नाम हैं, मां काली, मां तारा, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला। आइए, जानते हैं इस साल की गुप्त नवरात्रि (Ashadh Gupta Navratri 2026) कब शुरु हो रही है, कलश स्थापना का शुभ समय क्या है, साथ जानेंगे इन दिनों देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा कैसे करनी है?

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कब से शुरू होगी

Ashadh Gupta Navratri 2026
Ashadh Gupta Navratri 2026 (AI Generated)

साल 2026 में आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई (बुधवार) से शुरू हो रही है और यह 22 जुलाई (बुधवार) तक चलेगी। इसके अगले दिन यानी 23 जुलाई को व्रत खोला (पारण किया) जाएगा। इस बार एक खास बात यह है कि 17 जुलाई को तीसरा और चौथा नवरात्र एक ही दिन पड़ रहा है।

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त (Gupta Navratri 2026 Ghatasthapana Muhurat)

Gupta Navratri 2026 Ghatasthapana
Gupta Navratri 2026 Ghatasthapana (AI Generated)

कलश स्थापना का शुभ समय 15 जुलाई 2026 की सुबह 05:33 बजे से लेकर 10:09 बजे तक रहेगा। प्रतिपदा तिथि 14 जुलाई की दोपहर 03:12 बजे से शुरू हो जाएगी और 15 जुलाई की सुबह 11:50 बजे समाप्त होगी।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कैलेंडर 2026 (Gupta Navratri 2026 Dates)

  • 15 जुलाई 2026, बुधवार (पहला नवरात्र): इस दिन कलश स्थापना की जाएगी और मां शैलपुत्री की पूजा होगी।
  • 16 जुलाई 2026, गुरुवार (दूसरा नवरात्र): इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी।
  • 17 जुलाई 2026, शुक्रवार (तीसरा और चौथा नवरात्र): इस दिन मां चंद्रघंटा और मां कूष्मांडा दोनों की पूजा एक साथ होगी।
  • 18 जुलाई 2026, शनिवार (पांचवां नवरात्र): इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाएगी।
  • 19 जुलाई 2026, रविवार (छठा नवरात्र): इस दिन मां कात्यायनी की पूजा होगी।
  • 20 जुलाई 2026, सोमवार (सातवां नवरात्र): इस दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाएगी।
  • 21 जुलाई 2026, मंगलवार (आठवां नवरात्र): इस दिन दुर्गा अष्टमी मनाई जाएगी और मां महागौरी की पूजा होगी।
  • 22 जुलाई 2026, बुधवार (नौवां नवरात्र): इस दिन महा नवमी होगी और मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाएगी।
  • 23 जुलाई 2026, गुरुवार: इस दिन नवरात्रि व्रत का समापन होगा और व्रत खोला जाएगा।

गुप्त नवरात्रि में ऐसे करें पूजन (Gupta Navratri Puja Vidhi)

Gupta Navratri Puja
Gupta Navratri Puja (AI Generated)
  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
  • पूजा शुरू करने से पहले हाथ में जल, चावल और फूल लेकर व्रत का संकल्प लें।
  • अपने पूजा घर को साफ-सुथरा करें।
  • एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं। एक कलश में पानी भरकर उसमें सुपारी, सिक्का और आम के पत्ते रखें, फिर ऊपर से नारियल रख दें।
  • मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें और उनके सामने दीपक जलाएं।
  • माता रानी को फूल, धूप, दीपक और प्रसाद चढ़ाएं।
  • दुर्गा सप्तशती का पाठ करें या माता के मंत्रों का जाप करें।
  • इन दिनों सिर्फ सात्विक भोजन करें या फलाहार लें।
  • अष्टमी या नवमी के दिन छोटी कन्याओं की पूजा करें, उन्हें भोजन कराएं और उपहार या पैसे दें।
  • नवमी तिथि पर विशेष पूजा या हवन करके माता रानी को धन्यवाद कहें।

गुप्त नवरात्रि का क्या महत्व है? (Gupta Navratri Mahatva)

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुप्त नवरात्रि का व्रत रखने से हर मनोकामना बहुत जल्दी पूरी हो जाती है। पुराने समय में इस नवरात्रि के बारे में सिर्फ ऋषि-मुनियों और तपस्वियों को ही जानकारी होती थी। उस समय साधु-संत इस नवरात्रि में गुप्त रूप से दस महाविद्याओं की पूजा करके अद्भुत शक्तियां प्राप्त करते थे।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।