Ashadha Amavasya Do’s and Dont’s: भौमवती अमावस्या कल! पितरों की कृपा के लिए क्या करें और क्या नहीं? जानिए नियम

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हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का खास महत्व माना जाता है। कल यानी मंगलवार, 14 जुलाई को आषाढ़ मास की अमावस्या है। आषाढ़ महीने में आने वाली अमावस्या को ‘हलहारिणी अमावस्या’ (Halharini Amavasya) भी कहा जाता है। इस बार अमावस्या मंगलवार को पड़ रही है, इसलिए इसे ‘भौमवती अमावस्या’ भी कहेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन अपने पूर्वजों का तर्पण करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है। हालांकि, अमावस्या की रात को लेकर कड़े नियम बताए गए हैं। कहा जाता है कि इस रात को कुछ गलतियों से बचना चाहिए, वरना जीवन…

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का खास महत्व माना जाता है। कल यानी मंगलवार, 14 जुलाई को आषाढ़ मास की अमावस्या है। आषाढ़ महीने में आने वाली अमावस्या को ‘हलहारिणी अमावस्या’ (Halharini Amavasya) भी कहा जाता है। इस बार अमावस्या मंगलवार को पड़ रही है, इसलिए इसे ‘भौमवती अमावस्या’ भी कहेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन अपने पूर्वजों का तर्पण करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है। हालांकि, अमावस्या की रात को लेकर कड़े नियम बताए गए हैं। कहा जाता है कि इस रात को कुछ गलतियों से बचना चाहिए, वरना जीवन पर बुरा असर पड़ सकता है। आइए, जानें (Ashadha Amavasya Do’s and Dont’s) कि आषाढ़ अमावस्या पर क्या करें और क्या नहीं?

आषाढ़ अमावस्या पर क्या करें?

Ashadha Amavasya
Ashadha Amavasya (Source: Social Media)
  • आषाढ़ अमावस्या पर सुबह जल्दी उठें, स्नान करें, स्वच्छ कपड़े पहनें और सूर्य देवता को अर्घ्य दें।
  • इसके बाद अपने पूर्वजों को याद करते हुए उनके नाम से तर्पण करें। अगर मुमकिन हो, तो यह तर्पण किसी पवित्र नदी या तीर्थ स्थान पर करना ज्यादा बेहतर होता है।
  • इस खास दिन पर जरूरतमंदों और गरीबों को अनाज, कपड़े, तिल, गुड़, छाता जैसी चीजों का दान दें। ऐसा करने से पूर्वजों की आत्मा खुश होती है और उनका आशीर्वाद मिलता है.
  • पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं, शाम को पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
  • इस दिन गाय, कौए, कुत्ते और चींटियों को खाना खिलाना बहुत अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इससे पूर्वज प्रसन्न होते हैं और पूरे परिवार पर अपना आशीर्वाद बनाए रखते हैं।

आषाढ़ अमावस्या पर क्या न करें?

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Ashadha Amavasya(Source: Social Media)
  • मन को शांत रखें। गुस्सा या झगड़ा करने से आपकी मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति कम हो सकती है।
  • इस दिन मांस-मदिरा का सेवन बिल्कुल न करें। इससे घर की शांति भंग हो सकती है और शुभ फलों में कमी आती है।
  • इस रात वातावरण में नेगेटिविटी ज्यादा होती है, इसलिए बिना किसी जरूरी काम के देर रात अकेले बाहर घूमने से बचें।
  • शास्त्रों के अनुसार अमावस्या पर बाल या नाखून काटना अशुभ होता है। इससे आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
  • माना जाता है कि अमावस्या की रात पीपल के पास बुरी शक्तियां सक्रिय रहती हैं। इसलिए रात में पेड़ के पास न जाएं और न ही उसे छुएं।
  • अमावस्या की रात नकारात्मक ऊर्जा ज्यादा होती है, इसलिए घर को पूरी तरह अंधेरा न छोड़ें। मुख्य जगहों पर दीया या लाइट जलाकर रखें।

आषाढ़ अमावस्या का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन अपने पूर्वजों को याद करने, उनके नाम से तर्पण करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है। इस दिन धन की देवी माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख और धन-दौलत बढ़ती है। साथ ही, इस दिन शनिदेव की पूजा करने से जीवन की सभी मुश्किलें, रुकावटें और दुख-दर्द दूर हो जाते हैं। साथ ही इस दिन दान-पुण्य से भी जीवन सुखी और समृद्ध बनता है।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।