देश में इन दिनों पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की नीति को लेकर सोशल मीडिया से लेकर ऑटोमोबाइल जगत तक बहस तेज हो गई है। जहाँ एक तरफ सरकार का दावा है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन से न तो गाड़ियों के इंजन खराब होते हैं और न ही माइलेज पर कोई खास असर पड़ता है, वहीं मशहूर यूट्यूबर के दावों ने इस बहस को नया मोड़ दे दिया है।
मशहूर वीडियो ब्लॉगर सौरव जोशी ने हाल ही में अपने एक व्लॉग में दावा किया कि उनकी मर्सिडीज-बेंज SUV का माइलेज अचानक बेहद कम हो गया है। सबूत के तौर पर उन्होंने कार के डैशबोर्ड पर दिख रहे आंकड़े भी दर्शकों के साथ साझा किए। सौरव का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसने एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
कार की रेंज 800 से घटकर हुई 480 किमी, सौरव जोशी की पत्नी ने जताई चिंता
“Hamari gaadi ki mileage 17 se seedhe 9 ki. Aur aaj 5 ki ho gayi”
Vlogger Saurabh Joshi claims his car mileage has dropped by less than half. https://t.co/9tJBmzuu2F pic.twitter.com/Pmu3VaaDlv
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) July 12, 2026
मशहूर यूट्यूबर सौरव जोशी की पत्नी अवंतिका भट्ट ने कार की घटती माइलेज (रेंज) पर चिंता जाहिर की है। एक वीडियो में उन्होंने बताया कि पहले फुल टैंक कराने पर कार करीब 800 किलोमीटर चलती थी, लेकिन अब यह रेंज घटकर सिर्फ 480 किलोमीटर रह गई है। इतनी महंगी गाड़ी में इस तरह की गिरावट से वे परेशान हैं और उन्हें डर है कि कहीं कार के पेट्रोल इंजन में कोई तकनीकी खराबी न आ गई हो।
यूट्यूबर सौरव जोशी खड़े किए सवाल

मशहूर यूट्यूबर सौरव जोशी ने अपने हालिया वीडियो में लग्जरी कारों के रखरखाव को लेकर एक बड़ा मुद्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि उनके पास मर्सिडीज की इलेक्ट्रिक G-Wagon है, जिससे उन्हें इथेनॉल या पेट्रोल की कोई चिंता नहीं रहती. हालांकि, पेट्रोल कारों को लेकर उनकी परेशानी कम नहीं हुई है। सौरव के मुताबिक, हल्द्वानी जैसे छोटे शहरों में मर्सिडीज जैसी प्रीमियम गाड़ियों में कोई तकनीकी खराबी आने पर उन्हें ठीक कराने के लिए दिल्ली भेजना पड़ता है, जिससे समय और पैसा दोनों बहुत ज्यादा खर्च होते हैं।
मर्सिडीज-बेंज इंडिया के CEO का बयान
Customer Advisory pic.twitter.com/RxuTYl6Phz
— Mercedes-Benz India (@MercedesBenzInd) July 12, 2026
उन्होंने साफ किया कि साल 2020 के बाद बेची गई मर्सिडीज की सभी गाड़ियां E20 (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) पर चलने के लिए पूरी तरह अनुकूल (compatible) हैं। इसलिए ग्राहकों को इस पेट्रोल से नुकसान की चिंता करने की जरूरत नहीं है। देश में माइलेज और इथेनॉल पेट्रोल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच, कई ग्राहक इस संबंध में जानकारी लेने के लिए डीलरशिप पर पहुंच रहे हैं।
संतोष अय्यर के मुताबिक, समस्या इथेनॉल मिश्रित ईंधन से नहीं है। असली चिंता का विषय तब होता है जब ईंधन में अवैध या गलत तरीके से मिलावट की जाती है, जिससे गाड़ियों के इंजन पर बुरा असर पड़ सकता है।
इथेनॉल पेट्रोल (E20) से इंजन खराब होने के दावों पर सरकार की सफाई

देश में प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए सरकार E20 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण) को लगातार बढ़ावा दे रही है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे दावे किए जा रहे थे कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन खराब हो रहे हैं और उनमें जंग लग रही है। इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इन्हें एक ‘गलत नैरेटिव’ बताया है। नितिन गडकरी ने साफ किया है कि E20 पेट्रोल के कारण देश में किसी भी गाड़ी या कार के खराब होने का अब तक कोई भी certified मामला सामने नहीं आया है। सरकार ने वाहन चालकों को सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी अफवाहों और बिना तथ्यों वाली खबरों से दूर रहने की सलाह दी
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