
Guru Nanak Dev Ji Teachings: नानक जी द्वारा दी गई 10 शिक्षाएं जो सदैव करेंगे आपका मार्गदर्शन

2. नाम जप: गुरु नानक जी ने अपनी शिक्षाओं में लोगों को नाम जपने को कहा। उनका कहना था कि नाम जप से आत्मा को शांति और आनंद की प्राप्ति होती है। नाम जप से मनुष्य ईश्वर के करीब पहुंचता है।
3. कीरत करो: गुरु नानक देव जी का कहना है कि जीवन में कर्म के बिना कुछ भी मिलना संभव नहीं है। मनुष्य जीवन का उद्देश्य है कि अच्छे कर्म करते रहिए। सदैव ईमानदारी और परिश्रम से पैसा कमाकर अपना और अपने परिवार का पालन-पोषण करना चाहिए। इससे ही कीर्ति बढ़ती है।
4. वंड छको: वंड छको का मतलब है बांटना और दूसरों की सहायता करना। नानक जी ने लोगों को सामाजिक न्याय, एकता और आपसी सहयोग की विशेषता को समझाई। उनका कहना था कि परिश्रम और ईमानदारी की कमाई में से कुछ हिस्सा गरीब और जरुरतमंद लोगों को दान कर देना चाहिए।
5. समानता: गुरु नानक देव जी का कहना था कि सभी लोगों को समान नजरिये से देखना चाहिए। जाति,धर्म, हैसियत या स्त्री-पुरुष में भेदभाव करना गलत है।
6. सरबत दा भला: सरबत दा भला का अर्थ है- सबकी भलाई के लिए काम करना। गुरु नानक जी ने कहा है कि ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिसमें किसी का अहित हो।
7. संतोख: संतोख का अर्थ है संतोष। गुरु नानक जी ने जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए संतोष को महत्वपूर्ण बताया है। संतोषरूपी कमाया गया धन परम सुख देता है। मनुष्य को कभी किसी का हक नहीं मारना चाहिए।
8. करुणा और दया: गुरु नानक जी ने दया और करुणा को बहुत महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने लोगों को दूसरों के प्रति दया रखने की सीख दी है।
9. लोभ का त्याग करें: गुरु नानक जी ने अपनी शिक्षाओं में मनुष्य को लोभ यानी लालच का त्याग करने को कहा है। उनका कहना था कि मनुष्य के पास जितना है उसे उतने में प्रसन्न रहना चाहिए और अपनी गलतियों के लिए ईश्वर से क्षमा-याचना करना चाहिए।
























