नए साल के पहले ही दिन गुरु प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग, शिव साधना से चमकेगी किस्मत! जानें शुभ मुहूर्त

Guru Pradosh Vrat 2026
Guru Pradosh Vrat 2026: हिंदू पंचांग के मुताबिक, साल 2026 का आगाज़ बेहद शुभ हो रहा है। 01 जनवरी को पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो महादेव को अत्यंत प्रिय है। इस दिन गुरु प्रदोष व्रत रखा जाएगा और साथ ही रोहिणी व्रत का अद्भुत संयोग भी बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ गया है।
ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, नए साल के पहले दिन ‘शुभ’ और ‘शुक्ल’ जैसे मंगलकारी योगों के संयोग बन रहे हैं। मान्यता है कि इन विशिष्ट योगों में भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के समस्त कष्टों का अंत होता है।

New Year 2026: पूजन का शुभ मुहूर्त

त्रयोदशी तिथि 01 जनवरी को रात 10:22 बजे तक रहेगी। भगवान शिव की विशेष पूजा के लिए सबसे उपयुक्त समय (प्रदोष काल) शाम 05:04 से शाम 07:45 तक रहेगा। इस समयावधि में महादेव का पूजन करना सर्वोत्तम फलदायी माना गया है।

शिव साधना से मिलेगा धन-धान्य

Guru Pradosh Vrat 2026
Guru Pradosh Vrat 2026 (Photo: AI Generated)
वर्ष के पहले दिन यानी की 1 जनवरी शाम 05:12 तक ‘शुभ योग’ विद्यमान रहेगा, जिसमें किए गए कार्यों में निश्चित सफलता प्राप्त होती है। शाम 05:13 से ‘शुक्ल योग’ प्रारंभ होगा। ज्योतिष शास्त्र में इसे बेहद सकारात्मक माना जाता है। इस दौरान विधि-विधान से की गई शिव साधना सुख-समृद्धि प्रदान करती है।

Lord Shiva Worship January 1: शिववास योग का दुर्लभ अवसर

Guru Pradosh Vrat 2026
Guru Pradosh Vrat 2026 (Photo: AI Generated)
इस बार 1 जनवरी को शिववास योग बन रहा है। इस समय महादेव कैलाश पर्वत पर नंदी पर विराजमान रहेंगे। ऐसे दुर्लभ समय में शिवजी का रुद्राभिषेक या पूजन करने से साधक के सौभाग्य में वृद्धि होती है और घर में सुख-शांति आती है।

January 1st Hindu Calendar Events: नए साल के पहले दिन बन रहे हैं ये 3 शुभ संयोग

1. गुरु प्रदोष व्रत (Guru Pradosh Vrat 2026)

नए साल की शुरुआत ही भगवान शिव को समर्पित ‘प्रदोष व्रत’ से हो रही है। गुरुवार के दिन होने के कारण इसे ‘गुरु प्रदोष’ कहा जाता है, जो शत्रु विजय और सौभाग्य के लिए विशेष माना जाता है।

2. रोहिणी व्रत (Rohini Vrat 2026)

1 जनवरी को जैन समुदाय और ज्योतिषीय गणना में महत्वपूर्ण ‘रोहिणी व्रत’ भी पड़ रहा है।

3. रवि योग (Ravi Yoga)

साल के पहले दिन, यानी 1 जनवरी 2026 को रवि योग का भी संयोग है, जिसे अशुभ प्रभावों को नष्ट करने वाला माना जाता है।

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