जब छप्पन भोग भी नहीं मिटा पाए हनुमान जी की भूख, तब तुलसी के एक पत्ते ने किया चमत्कार! पढ़ें पौराणिक कथा

Summary :

Hanuman Ji Tulsi Story: हनुमान जी को तुलसी दल जरूर अर्पित किया जाता है। कहते हैं कि तुलसी के बिना हनुमान जी की पूजा अधूरी होती है, इसलिए भक्त उन्हें भोग में तुलसी जरूर चढ़ाते हैं। माना जाता है कि हनुमान जी को तुलसी का पत्ता चढ़ाने से हर इच्छा पूरी होती है। आइए जानते हैं कि तुलसी का पत्ता उन्हें इतना प्रिय क्यों है? Hanuman Ji Tulsi Story: जब छप्पन भोग से भी नहीं भरा पेट यह पुरानी कहानी तब की है जब भगवान राम अयोध्या लौट आए थे। एक दिन माता सीता ने हनुमान जी को प्यार से भोजन पर…

Hanuman Ji Tulsi Story: हनुमान जी को तुलसी दल जरूर अर्पित किया जाता है। कहते हैं कि तुलसी के बिना हनुमान जी की पूजा अधूरी होती है, इसलिए भक्त उन्हें भोग में तुलसी जरूर चढ़ाते हैं। माना जाता है कि हनुमान जी को तुलसी का पत्ता चढ़ाने से हर इच्छा पूरी होती है। आइए जानते हैं कि तुलसी का पत्ता उन्हें इतना प्रिय क्यों है?

Hanuman Ji Tulsi Story: जब छप्पन भोग से भी नहीं भरा पेट

Hanuman Ji Tulsi Story
Hanuman Ji Tulsi Story (Source:Social Media)

यह पुरानी कहानी तब की है जब भगवान राम अयोध्या लौट आए थे। एक दिन माता सीता ने हनुमान जी को प्यार से भोजन पर बुलाया। उन्होंने हनुमान जी के लिए 56 तरह के पकवान और स्वादिष्ट व्यंजन बनवाए। हनुमान जी खाने बैठे और देखते ही देखते सारा खाना खत्म कर दिया, फिर भी उनकी भूख शांत नहीं हुई। माता सीता ने फिर से खाना बनवाया, लेकिन हनुमान जी उसे भी खा गए। धीरे-धीरे महल का सारा अनाज खत्म होने लगा, जिसे देखकर माता सीता चिंता में पड़ गईं।

परेशान होकर माता सीता ने भगवान राम से हनुमान जी की भूख मिटाने का तरीका पूछा। राम जी का सुझाव मानकर माता ने एक तुलसी का पत्ता लिया और उस पर ‘राम’ नाम लिख दिया। जैसे ही हनुमान जी ने वह पत्ता खाया, उनका पेट तुरंत भर गया। तब माता सीता समझ गईं कि हनुमान जी को अनाज की नहीं, बल्कि श्री राम की भक्ति की भूख थी। तभी से यह माना जाता है कि हनुमान जी को तुलसी चढ़ाने से वे बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं।

इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।