Hariyali Amavasya 2026 Kab Hai: सावन अमावस्या कब है? नोट कर लें स्नान-दान के 5 सबसे शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Summary :

सावन महीने में आने वाली अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहते हैं। यह प्रकृति, पूर्वजों और भगवान शिव की पूजा से जुड़ा एक पवित्र त्योहार है, जो सुख-समृद्धि लाता है। पंचांग के अनुसार, यह 12 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी।

Hariyali Amavasya 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म में सावन के महीने को बहुत पवित्र और खास माना जाता है। इस महीने में आने वाली अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहते हैं। यह त्योहार प्रकृति, हमारे पूर्वजों और भगवान शिव की पूजा से जुड़ा है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने, दान-पुण्य करने और पौधे लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। आइए, जानें इस साल सावन अमावस्या कब है, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व के बारे में।

कब है हरियाली अमावस्या? (Hariyali Amavasya 2026 Kab Hai)

Sawan Amavasya
Sawan Amavasya (Source: Social Media)

पंचांग के अनुसार, सावन महीने की अमावस्या तिथि 11 अगस्त 2026 की रात 1 बजकर 54 मिनट से शुरू होगी और 12 अगस्त 2026 की रात 11 बजकर 7 मिनट पर खत्म होगी। उदयतिथि के अनुसार, हरियाली अमावस्या का त्योहार 12 अगस्त को मनाया जाएगा।

साल का दूसरा सूर्य ग्रहण (Hariyali Amavasya Par Surya Grahan)

इस बार हरियाली अमावस्या के दिन ही साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है। यह ग्रहण 12 अगस्त 2026 की रात 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा और 13 अगस्त 2026 की सुबह 4 बजकर 25 मिनट पर खत्म होगा। ग्रहण की वजह से लोगों के मन में यह सवाल है कि वे इस दिन दान और स्नान कब और कैसे कर पाएंगे।

दान और स्नान का शुभ मुहूर्त (Hariyali Amavasya Snan Daan Time)

यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका कोई सूतक काल नहीं माना जाएगा। इसका मतलब है कि आप बिना किसी डर या संकोच के पूरे दिन कभी भी स्नान और दान कर सकते हैं।

इस दिन सुबह 4:23 से 5:06 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा, जो स्नान-दान के लिए सबसे उत्तम है। इसके अलावा, पूजा-पाठ के लिए दिन में चार और शुभ मुहूर्त रहेंगे:

  • चर मुहूर्त: सुबह 5:38 बजे से 7:20 बजे तक
  • लाभ मुहूर्त: सुबह 7:20 बजे से 9:03 बजे तक
  • अमृत मुहूर्त: सुबह 9:03 बजे से 10:45 बजे तक
  • शुभ मुहूर्त: दोपहर 12:27 बजे से 2:10 बजे तक

सावन अमावस्या पूजा विधि (Sawan Amavasya Puja Vidhi)

Hariyali Amavasya
Hariyali Amavasya (Source: Social Media)
  • सुबह जल्दी उठकर नहाएं और साफ कपड़े पहनें।
  • शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाएं।
  • भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक और धूप (अगरबत्ती) जलाएं।
  • उन्हें चंदन, अक्षत और फूल चढ़ाएं।
  • “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें और अंत में आरती करके पूजा पूरी करें।
  • इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और अपने पूर्वजों के नाम पर तर्पण करना भी बहुत अच्छा माना जाता है।

सावन अमावस्या का महत्व (Sawan Amavasya Significance)

Planting tree
Planting tree (Source: Social Media)

हिंदू धर्म में अमावस्या के दिन पूर्वजों को याद करने और दान-पुण्य करने की परंपरा है। चूंकि सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है, इसलिए इस दिन शिव जी की पूजा करने से इसका महत्व दोगुना हो जाता है। इसके साथ ही, यह त्योहार हमें पर्यावरण को बचाने का संदेश देता है। माना जाता है कि पेड़-पौधों में भगवान का वास होता है, इसलिए इस दिन नए पौधे लगाना और प्रकृति की सेवा करना बहुत पुण्य का काम माना जाता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।