‘जय जय अम्बे, जय कात्यायनी…’, नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की इस आरती से करें गुणगान, बरसेगी मैया की असीम कृपा

Summary :

katyayani Mata Aarti Lyrics: नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां अपने भक्तों को साहस, शक्ति और सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं। इस दिन शहद का भोग लगाना शुभ माना जाता है। मां कात्यायनी की आरती करने से भक्त सुख-शांति और सकारात्मकता की कामना करते हैं।

katyayani Mata Aarti Lyrics: नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी अपने भक्तों को साहस, शक्ति और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। भक्त सच्चे मन से उनकी पूजा करके जीवन में सुख-शांति और सकारात्मकता की कामना करते हैं। मां कात्यायनी को शहद का भोग लगाना शुभ माना जाता है। वहीं इस दिन इस आरती से मैया का गुणगान करने से भक्तों पर असीम कृपा बरसती है।

मां कात्यायनी को मां दुर्गा के 9  स्वरूपों में छठा रूप माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महर्षि कात्यायन ने देवी भगवती को अपनी पुत्री के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके घर जन्म लिया। इसी वजह से उनका नाम कात्यायनी पड़ा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी ने महिषासुर का वध करके देवताओं को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। इसलिए उन्हें बुराई पर अच्छाई की जीत, साहस और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

मां कात्यायनी के स्वरूप का महत्व

मां कात्यायनी का स्वरूप बेहद दिव्य और तेजस्वी है। उनकी 4 भुजाएं हैं। उनके हाथों में तलवार और कमल सुशोभित होते हैं, जबकि अन्य दो हाथ आशीर्वाद और अभय देने की मुद्रा में रहते हैं। मां का वाहन सिंह है, जो शक्ति और निडरता का प्रतीक माना जाता है।

मान्यता है कि मां की पूजा करने से भक्तों को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने की हिम्मत मिलती है और मन में आत्मविश्वास बढ़ता है।

मां कात्यायनी की आरती

जय जय अम्बे, जय कात्यायनी।
जय जगमाता, जग की महारानी॥

बैजनाथ स्थान तुम्हारा।
वहाँ वरदाती नाम पुकारा॥

कई नाम हैं, कई धाम हैं।
यह स्थान भी तो सुखधाम है॥

हर मंदिर में जोत तुम्हारी।
कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी॥

हर जगह उत्सव होते रहते।
हर मंदिर में भक्त हैं कहते॥

कात्यायनी रक्षक काया की।
ग्रंथि काटे मोह माया की॥

झूठे मोह से छुड़ाने वाली।
अपना नाम जपाने वाली॥

बृहस्पतिवार को पूजा करियो।
ध्यान धर-धर मन में धरियो।

हर संकट को दूर करेगी।
भंडारे भरपूर करेगी।

जो भी भक्त मैया का गुण गावे।
सब सुख-संपत्ति भरपूर पावे॥

 

यह भी पढ़ें: Navratri 2026 Day 6 Puja: शारदीय नवरात्रि का छठा दिन! ऐसे करें मां कात्यायनी की पूजा, नोट करें विधि, मंत्र, भोग, कथा और आरती

Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।