Masik Durgashtami June 2026: मासिक दुर्गाष्टमी व्रत आज, मनोकामना पूर्ति के लिए ऐसे करें दुर्गा चालीसा का पाठ, नोट करें नियम और लिरिक्स

Summary :

आज यानी, सोमवार 22 जून को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत है। हर महीने की अष्टमी तिथि को मां दुर्गा की पूजा की जाती। माना जाता है कि इस खास दिन पर माता रानी की सच्चे मन से पूजा करने से भक्त की सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। मासिक दुर्गाष्टमी के दिन दुर्गा चालीसा पढ़ना बहुत शुभ माना गया है। जो लोग Masik Durgashtami June 2026 दुर्गा चालीसा का पाठ करते हैं, उनके सारे दुख और परेशानियां बहुत जल्दी दूर हो जाती हैं। आइए जानते हैं कि दुर्गा चालीसा का पाठ करने का सही और आसान तरीका क्या है। साथ…

आज यानी, सोमवार 22 जून को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत है। हर महीने की अष्टमी तिथि को मां दुर्गा की पूजा की जाती। माना जाता है कि इस खास दिन पर माता रानी की सच्चे मन से पूजा करने से भक्त की सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। मासिक दुर्गाष्टमी के दिन दुर्गा चालीसा पढ़ना बहुत शुभ माना गया है। जो लोग Masik Durgashtami June 2026 दुर्गा चालीसा का पाठ करते हैं, उनके सारे दुख और परेशानियां बहुत जल्दी दूर हो जाती हैं। आइए जानते हैं कि दुर्गा चालीसा का पाठ करने का सही और आसान तरीका क्या है। साथ में यहां दुर्गा चालीसा लिरिक्स भी दी गईं हैं।

Masik Durgashtami June 2026: दुर्गा चालीसा पढ़ने के सही नियम

Masik Durgashtami June 2026
Masik Durgashtami June 2026 (AI Generated)
  • सुबह जल्दी सोकर उठें, नहा-धोकर पूरी तरह साफ हो जाएं और अच्छे व साफ कपड़े पहनें।
  • पूजा के लिए लाल या गुलाबी रंग के कपड़े पहनना सबसे अच्छा माना जाता है।
  • इसके बाद अपने घर के मंदिर या जहां आप पूजा करते हैं, उस जगह को अच्छे से साफ कर लें और वहां पवित्र गंगाजल छिड़कें।
  • लकड़ी की एक छोटी चौकी या पटरा लें और उसके ऊपर सुंदर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं।
  • अब उस चौकी पर मां दुर्गा की मूर्ति या उनकी कोई तस्वीर श्रद्धा के साथ रखें।
  • मां दुर्गा को ताजे फूल, सिंदूर और अक्षत चढ़ाएं।
  • इसके बाद उनके सामने अगरबत्ती, धूप और घी का दीपक जलाकर श्रद्धा से पूजा करें।
  • माता रानी को ताजे फल और अपनी पसंद का कोई मीठा प्रसाद चढ़ाएं।
  • यह सब करने के बाद शांत मन से दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
  • जब पाठ पूरा हो जाए, तो मां दुर्गा की आरती गाएं और उनके मंत्रों का जाप करें।

दुर्गा चालीसा पढ़ने के चमत्कारी फायदे

  • जो लोग नियमित रूप से दुर्गा चालीसा पढ़ते हैं, उनका मनोबल और भरोसा बहुत बढ़ जाता है, जिससे उन्हें हर काम में कामयाबी मिलने लगती है।
  • इसका पाठ करने से मन शांत रहता है और मानसिक तनाव या चिंताओं से मुक्ति मिलती है।
  • दुर्गा चालीसा पढ़ने से घर का माहौल अच्छा होता है, चारों तरफ पॉजिटिव एनर्जी फैलती है और पैसों की तंगी दूर होकर सुख-समृद्धि आती है।
  • अगर आप रोज नियम से दुर्गा चालीसा का पाठ करते हैं, तो घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होती और हमेशा बरकत बनी रहती है।
  • इसके प्रभाव से हर तरह की नकारात्मक सोच और बुराइयां दूर भागती हैं। आपके घर और परिवार के लोगों पर किसी भी तरह की बुरी नजर या बुरी शक्तियों का असर नहीं होता।

Durga Chalisa Lyrics in Hindi: श्री दुर्गा चालीसा

Masik Durgashtami June 2026
Masik Durgashtami June 2026 (AI Generated)
नमो नमो दुर्गे सुख करनी।नमो नमो अम्बे दुःख हरनी॥
निराकार है ज्योति तुम्हारी।तिहूँ लोक फैली उजियारी॥
शशि ललाट मुख महाविशाला।नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥
रूप मातु को अधिक सुहावे।दरश करत जन अति सुख पावे॥
तुम संसार शक्ति लय कीना।पालन हेतु अन्न धन दीना॥
अन्नपूर्णा हुई जग पाला।तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥
प्रलयकाल सब नाशन हारी।तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥
शिव योगी तुम्हरे गुण गावें।ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥
रूप सरस्वती को तुम धारा।दे सुबुद्धि ऋषि-मुनिन उबारा॥
धरा रूप नरसिंह को अम्बा।प्रगट भईं फाड़कर खम्बा॥
रक्षा कर प्रह्लाद बचायो।हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥
लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं।श्री नारायण अंग समाहीं॥
क्षीरसिन्धु में करत विलासा।दयासिन्धु दीजै मन आसा॥
हिंगलाज में तुम्हीं भवानी।महिमा अमित न जात बखानी॥
मातंगी अरु धूमावति माता।भुवनेश्वरी बगला सुख दाता॥
श्री भैरव तारा जग तारिणी।छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥
केहरि वाहन सोह भवानी।लांगुर वीर चलत अगवानी॥
कर में खप्पर-खड्ग विराजै।जाको देख काल डर भाजे॥
सोहै अस्त्र और त्रिशूला।जाते उठत शत्रु हिय शूला॥
नगर कोटि में तुम्हीं विराजत।तिहुंलोक में डंका बाजत॥
शुम्भ निशुम्भ दानव तुम मारे।रक्तबीज शंखन संहारे॥
महिषासुर नृप अति अभिमानी।जेहि अघ भार मही अकुलानी॥
रूप कराल कालिका धारा।सेन सहित तुम तिहि संहारा॥
परी गाढ़ सन्तन पर जब-जब।भई सहाय मातु तुम तब तब॥
अमरपुरी अरु बासव लोका।तब महिमा सब रहें अशोका॥
ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी।तुम्हें सदा पूजें नर-नारी॥
प्रेम भक्ति से जो यश गावै।दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें॥
ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई।जन्म-मरण ताकौ छुटि जाई॥
जोगी सुर मुनि कहत पुकारी।योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी॥
शंकर आचारज तप कीनो।काम अरु क्रोध जीति सब लीनो॥
निशिदिन ध्यान धरो शंकर को।काहु काल नहिं सुमिरो तुमको॥
शक्ति रूप को मरम न पायो।शक्ति गई तब मन पछितायो॥
शरणागत हुई कीर्ति बखानी।जय जय जय जगदम्ब भवानी॥
भई प्रसन्न आदि जगदम्बा।दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा॥
मोको मातु कष्ट अति घेरो।तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो॥
आशा तृष्णा निपट सतावे।मोह मदादिक सब विनशावै॥
शत्रु नाश कीजै महारानी।सुमिरौं इकचित तुम्हें भवानी॥
करो कृपा हे मातु दयाला।ऋद्धि-सिद्धि दे करहु निहाला॥
जब लगि जियउं दया फल पाऊं।तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊं॥
दुर्गा चालीसा जो नित गावै।सब सुख भोग परमपद पावै॥
देवीदास शरण निज जानी।करहु कृपा जगदम्ब भवानी॥
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।