Navratri Kanya Pujan Vidhi: शारदीय नवरात्रि में कन्या पूजन की सही विधि और सामग्री, जानें चरण पखारने से लेकर विदाई तक पूरा नियम

Summary :

हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। माना जाता है कि अगर आप नवरात्रि के समय माता की पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं, तो आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है और धन की कमी नहीं होती है। नवरात्रि के नौ दिनों में भक्त सभी देवियों के मंत्रों का जाप करते हैं और आरती करते हैं। इसके साथ ही इस दौरान कन्या पूजन करना बहुत जरूरी माना जाता है, इसलिए आज…

हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। माना जाता है कि अगर आप नवरात्रि के समय माता की पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं, तो आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है और धन की कमी नहीं होती है। नवरात्रि के नौ दिनों में भक्त सभी देवियों के मंत्रों का जाप करते हैं और आरती करते हैं। इसके साथ ही इस दौरान कन्या पूजन करना बहुत जरूरी माना जाता है, इसलिए आज हम आपको यहां कन्या पूजन विधि और सामग्री के बारे में बताएंगे।

कन्या पूजन सामग्री

Kanya Pujan samagri list
Kanya Pujan samagri list (AI Generated)
  • साफ जल और थाली
  • रोली, कुमकुम और अक्षत
  • कलावा (रक्षा सूत्र) और लाल चुनरी
  • दीपक, धूप और फूल
  • सात्विक भोग: हलवा, पूरी और काले चने
  • उपहार, फल और दक्षिणा

नवरात्रि कन्या पूजन विधि

Sharad Navratri Kanya Pujan
Sharad Navratri Kanya Pujan (AI Generated)
  • अष्टमी या नवमी के दिन कन्याओं को एक दिन पहले ही अपने घर भोजन के लिए आमंत्रित करें।
  • पूजा के स्थान और आसन की जगह को अच्छे से साफ कर लें।
  • जब कन्याएं घर आएं, तो उनका स्वागत करें। इसके बाद सभी कन्याओं और लड़कों को साफ आसन पर बिठाएं।
  • इसके बाद अपने हाथों से उनके पैर साफ़ पानी से धोएं और उन्हें साफ कपड़े से पोछें।
  • फिर सभी कन्याओं और लड़कों के माथे पर कुमकुम, रोली और चावल का तिलक लगाएं। उनके दाहिने हाथ में कलावा बांधें।
  • कन्याओं को लाल चुनरी ओढ़ाएं। इसके बाद घी का दीपक जलाकर माता के स्वरूप इन कन्याओं की आरती उतारें और उन पर फूल बरसाएं।
  • सबसे पहले मां दुर्गा को हलवा, पूरी और चने का सात्विक भोग अर्पित करें।
  • इसके बाद पूरे प्रेम और सम्मान के साथ वही प्रसाद कन्याओं और लड़कों को परोसें।
  • खाना खत्म होने के बाद कन्याओं के हाथ-मुख जल से दोबारा धुलवाएं।
  • इसके बाद भक्ति भाव से प्रत्येक कन्या और बालक के चरण स्पर्श करके उनका आशीर्वाद लें।
  • अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार, कन्याओं को फल, मिठाई, गिफ्ट्स और रुपए दें। ध्यान रखें कि चमड़े से बनी चीजें गिफ्ट में ना दें।
  • लास्ट में हाथ जोड़कर देवी मां और कन्याओं से कहें कि अगर पूजन के दौरान मुझसे कोई भूल हुई हो, तो उसे क्षमा करें।
  • इसके बाद कन्याओं को सम्मान के साथ विदा करें।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।