Ram Navami 2026 Bhog: हिंदू धर्म में राम नवमी का पर्वअत्यंत हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह दिन भगवान विष्णु के सातवें अवतार, मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के जन्म जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं, रामायण का पाठ करते हैं और मंदिरों में विशेष भजन-कीर्तन का आयोजन होता है।
ऐसी मान्यता है कि राम नवमी पर पूजा और व्रत करने से भगवान राम खुश होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है। लेकिन श्रीराम की पूजा तब तक पूरी नहीं मानी जाती, जब तक उन्हें भोग न लगाया जाए। उन्हें उनकी पसंद की चीजें चढ़ाना बहुत शुभ होता है। आइए जानते हैं कि आज के दिन किन चीजों का भोग लगाना चाहिए।
Ram Navami 2026 Bhog: भगवान राम के लिए खास भोग

- पंचामृत: हिंदू शास्त्रों के अनुसार, विष्णु जी की पूजा में पंचामृत बहुत जरूरी है। चूंकि श्रीराम भी विष्णु जी के ही अवतार हैं, इसलिए राम नवमी पर उन्हें दूध, दही, घी, शहद और चीनी से बना पंचामृत जरूर चढ़ाएं।
- पीले मीठे चावल: राम नवमी पर भगवान को पीले रंग के मीठे चावल का भोग लगाया जाता है। इसे चावल, चीनी, केसर और मेवों से बनाया जाता है। पीला रंग शुभ और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।
- धनिया की पंजिरी: इस दिन सूखे धनिये, घी और चीनी से बनी पंजिरी का भोग लगाना बहुत अच्छा माना जाता है। क्योंकि यह श्रीराम को बहुत पसंद है। इसे बनाते समय साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।
- खीर और पूड़ी: भगवान राम को खीर का भोग लगाना भी बहुत शुभ होता है। शास्त्रों में खीर को अमृत जैसा माना गया है। खीर के साथ अक्सर पूड़ी का प्रसाद भी चढ़ाया जाता है।
यह भी पढ़ें – Stationery से लेकर Toys तक! यहां देखें चैत्र नवरात्रि पर कन्या पूजन के लिए 7 बेहतरीन Gift Ideas
Ram Navami Puja Kaise Kare: पूजा कैसे करें?
- राम नवमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
- इसके बाद तांबे के लोटे में पानी, चावल और सिंदूर डालकर सूर्य देव को जल चढ़ाएं।
- घर में पूजा वाली जगह पर एक चौकी रखें और उस पर पीला कपड़ा बिछाएं।
- उस पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर रखें।
- भगवान को गंगाजल से नहलाएं, फिर उन्हें चंदन, पीले फूल, कपड़े और गहने पहनाएं।
- भगवान को खीर, केसर वाला चावल, पंजीरी और मिठाइयों का भोग लगाएं। भोग में तुलसी का पत्ता जरूर डालें।
- पूजा करते समय ‘राम’ नाम का जाप करें।
- संभव हो इस दिन तो रामचरितमानस, रामायण या रामरक्षा स्तोत्र पढ़ें।
- अंत में दीपक, धूप और कपूर से भगवान की आरती करें।


Download Android App
Download iOS App




