Saphala Ekadashi Aarti: सफला एकादशी सभी प्रमुख एकादशियों में से एक मानी जाती है। हर साल यह सफला एकादशी का व्रत पौष महीने के कृष्ण पक्ष के दिन होता है। इस बार यह एकादशी, 15 दिसंबर 2025 यानी की आज मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को बहुत उत्तम और पुण्यकारी माना जाता है। इस एकादशी का व्रत करने से बेहद पुण्य फल प्राप्त होता है और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है।
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विशेष महत्व होता है, साथ ही पवित्र नदी में स्नान भी किया जाता है। सफला एकादशी पर व्रत और विधि-विधान से पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन विष्णु जी की आरती करने से बेहतर स्वास्थ्य और पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही, सफला एकदशी के दिन यह आरती करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
Saphala Ekadashi Aarti Lyrics: सफला एकादशी के दिन जरूर करें विष्णु जी की ये आरती

ओम जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥
ओम जय जगदीश हरे॥
जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥
ओम जय जगदीश हरे॥
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी
तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी॥
तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी॥
ओम जय जगदीश हरे॥
तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥
ओम जय जगदीश हरे॥
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥
ओम जय जगदीश हरे॥
तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥
ओम जय जगदीश हरे॥
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥
ओम जय जगदीश हरे॥
दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥
ओम जय जगदीश हरे॥
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥
ओम जय जगदीश हरे॥
विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥
ओम जय जगदीश हरे॥
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥
ओम जय जगदीश हरे॥
तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥
ओम जय जगदीश हरे॥जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥
ओम जय जगदीश हरे॥
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥
ओम जय जगदीश हरे॥जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥
ओम जय जगदीश हरे॥
Saphala Ekadashi Puja Vidhi: ऐसे करें भगवान विष्णु की अराधना

सफला एकादशी के दिन पूरे विधि-विधान से पूजा करके ही पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके, स्वच्छ वस्त्र धारण करें। फिर दाएं हाथ में अक्षत-पुष्प लेकर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद, पूजा स्थान को साफ करके भगवान श्रीहरि विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। पूजन में भगवान विष्णु को पीले फूल, चंदन, धूप, दीप, पंचामृत, फल, भोग अर्पित करें।
पूजन के दौरान घी का दीपक जलाकर ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का तुलसी की माला से 108 बार जप करें और विष्णु सहस्रनाम या एकादशी व्रत कथा का पाठ करें। अंत में, भगवान विष्णु की आरती करें। इस दिन किसी से झूठ न बोलें न ही किसी को अपशब्द कहें।























