Sita Navami 2026: वैवाहिक जीवन में घुलेगी शहद जैसी मिठास सीता नवमी पर अखंड सौभाग्य के लिए घर लाएं ये 5 शुभ वस्तुएं

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Sita Navami 2026 Par Kya Kharide: पौराणिक कथाओं के अनुसार, वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की नौवीं तारीख को माता सीता का जन्म हुआ था, इसे ही सीता नवमी कहते हैं। हर साल इस दिन को जानकी जयंती के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्म में सीता नवमी का खास महत्व है। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं और सौभाग्य बढ़ता है। साल 2026 में सीता नवमी का पर्व 25 अप्रैल, शनिवार को मनाया जाएगा। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन पूरी श्रद्धा से व्रत और पूजन…

Sita Navami 2026 Par Kya Kharide: पौराणिक कथाओं के अनुसार, वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की नौवीं तारीख को माता सीता का जन्म हुआ था, इसे ही सीता नवमी कहते हैं। हर साल इस दिन को जानकी जयंती के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्म में सीता नवमी का खास महत्व है। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं और सौभाग्य बढ़ता है।
साल 2026 में सीता नवमी का पर्व 25 अप्रैल, शनिवार को मनाया जाएगा। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन पूरी श्रद्धा से व्रत और पूजन करता है, उसे कई बड़े दानों और तीर्थ यात्राओं के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष वस्तुओं को घर लाने से सारी नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है। आइए जानें वो कौन सी चीजें हैं।

Sita Navami 2026 Par Kya Kharide: इन चीजों को घर लाना होगा शुभ

Sita Navami 2026
Sita Navami 2026

1. तुलसी का पौधा

हिंदू धर्म में तुलसी को लक्ष्मी जी का ही स्वरूप माना जाता है। अगर आपके घर में तुलसी का पौधा नहीं है या पुराना पौधा सूख गया है, तो सीता नवमी के दिन नया तुलसी का पौधा जरूर लाएं। इसे घर की उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना सबसे उत्तम होता है। मान्यता है कि इससे घर के वास्तु दोष दूर होते हैं और सकारात्मकता आती है।

2. माता लक्ष्मी के चरण चिह्न

सीता नवमी के अवसर पर चांदी या अष्टधातु से बने माता लक्ष्मी के चरण घर लाना बहुत अच्छा माना जाता है। इन्हें घर के मंदिर में स्थापित करना चाहिए। इसके अलावा, अगर आप इन चरण चिह्नों को घर के मुख्य दरवाजे पर इस तरह लगाएं कि वे अंदर की तरफ आते हुए दिखें, तो माना जाता है कि इससे धन और समृद्धि के रास्ते खुल जाते हैं।

3. शृंगार का सामान

शादीशुदा महिलाओं के लिए यह दिन किसी वरदान से कम नहीं है। इस दिन सुहाग की वस्तुएं जैसे सिंदूर, चूड़ियां और कुमकुम खरीदना और उन्हें माता सीता को चढ़ाना बहुत भाग्यशाली माना जाता है। पूजा खत्म होने के बाद, इस सामान का थोड़ा हिस्सा खुद इस्तेमाल करें और बाकी किसी जरूरतमंद को दान कर दें। ऐसा करने से पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम और मिठास बढ़ती है।

4. सोना चांदी

सीता नवमी के दिन ही माता सीता का प्राकट्य हुआ था। इस दिन सोना या चांदी खरीदने को सुख, समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि से जोड़ा जाता है। यह दिन देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे घर में सुख-शांति आती है।

5. पीले कपड़े और दक्षिणावर्ती शंख

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का एक साथ आशीर्वाद पाने के लिए इस दिन पीले रंग के वस्त्र और दक्षिणावर्ती शंख घर लाना चाहिए। पीला रंग भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। दक्षिणावर्ती शंख की ध्वनि से घर की सारी कड़वाहट और नकारात्मकता दूर हो जाती है।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।