Som Pradosh Vrat 2026 Puja Vidhi: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत महत्व माना गया है। यह हर महीने की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। आज, 16 मार्च 2026, सोमवार को चैत्र महीने का पहला प्रदोष व्रत है। चूंकि यह व्रत सोमवार के दिन पड़ रहा है, तो इसे सोम प्रदोष व्रत कहते हैं। भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए यह दिन बेहद शुभ माना गया है। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने से भक्तों के सभी दुख दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।
Som Pradosh Vrat 2026: सोम प्रदोष व्रत 2026 शुभ मुहूर्त

- त्रयोदशी तिथि की शुरुआत: 16 मार्च, सुबह 09:41 बजे।
- त्रयोदशी तिथि की समाप्ति: 17 मार्च, सुबह 09:24 बजे।
- पूजा का सबसे अच्छा समय (प्रदोष काल): शाम 06:37 बजे से रात 08:44 बजे तक।
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Som Pradosh Vrat 2026 Puja Vidhi: पूजन की सही विधि

- सुबह जल्दी उठकर नहाएं और भगवान शिव के सामने व्रत रखने का संकल्प लें।
- पूरे दिन या तो निराहार या फिर फलाहार खाकर व्रत रखें।
- पूजा शाम के समय होती है। उस समय फिर से स्नान करके साफ और सफेद कपड़े पहनें।
- शिवलिंग को सबसे पहले शुद्ध जल, फिर गंगाजल और उसके बाद कच्चे दूध से अर्पित करें।
- भोलेनाथ को बेलपत्र, धतूरा, अक्षत, सफेद चंदन और भस्म चढ़ाएं।
- घी का दीया जलाएं और भगवान को फल, मिठाई या खीर का प्रसाद चढ़ाएं।
- भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें और व्रत की कहानी पढ़ें।
- अंत में महादेव की आरती करें।
- अगले दिन सुबह भगवान शिव को जल चढ़ाने के बाद आप अपना व्रत खोल सकते हैं।
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