Vat Purnima Vrat Puja Vidhi: अखंड सौभाग्य के लिए सुहागिनें ऐसे करें बरगद की पूजा, एक क्लिक में पढ़ें शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री और स्टेप-बाय-स्टेप विधि

Summary :

आज ज्येष्ठ पूर्णिमा का पर्व है, सुहागिन महिलाएं आज वट पूर्णिमा व्रत रख रही हैं। हिंदू धर्म में वट पूर्णिमा व्रत को बहुत पवित्र और महत्वपूर्ण माना गया है। शादीशुदा महिलाएं यह व्रत अपने पति की लंबी उम्र, घर की सुख-शांति और खुशहाल शादीशुदा जिंदगी के लिए रखती हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। हिंदू धर्म में बरगद के पेड़ को बहुत पवित्र माना गया है। ऐसा माना जाता है कि इस पेड़ में त्रिदेव यानी ब्रह्मा, विष्णु और शिव जी का वास होता है। इस दिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करके हमेशा…

आज ज्येष्ठ पूर्णिमा का पर्व है, सुहागिन महिलाएं आज वट पूर्णिमा व्रत रख रही हैं। हिंदू धर्म में वट पूर्णिमा व्रत को बहुत पवित्र और महत्वपूर्ण माना गया है। शादीशुदा महिलाएं यह व्रत अपने पति की लंबी उम्र, घर की सुख-शांति और खुशहाल शादीशुदा जिंदगी के लिए रखती हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। हिंदू धर्म में बरगद के पेड़ को बहुत पवित्र माना गया है। ऐसा माना जाता है कि इस पेड़ में त्रिदेव यानी ब्रह्मा, विष्णु और शिव जी का वास होता है। इस दिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करके हमेशा सुहागन रहने का आशीर्वाद मांगती हैं। यह त्योहार मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तराखंड जैसे राज्यों में बहुत ज्यादा मनाया जाता है। आइए, जानें आज पूजा के लिए किन सामग्रियों की जरूरत होगी, साथ ही जानेंगे पूजा के लिए शुभ मुहूर्त और विधि (Vat Purnima Vrat Puja Vidhi) के बारे में।

Vat Purnima Shubh Muhurat: पूजा के लिए शुभ समय

Vat Purnima Puja
Vat Purnima Puja (AI Generated)
  • अमृत मुहूर्त (सुबह): सुबह 05:26 बजे से 07:11 बजे तक
  • शुभ मुहूर्त: सुबह 08:55 बजे से 10:40 बजे तक
  • चर मुहूर्त: दोपहर 02:09 बजे से 03:54 बजे तक
  • लाभ मुहूर्त: दोपहर 03:54 बजे से शाम 05:38 बजे तक
  • अमृत मुहूर्त (शाम): शाम 05:38 बजे से रात 07:23 बजे तक

Vat Purnima Puja Samagri List: पूजा के लिए आवश्यक सामग्री

Vat Purnima Puja
Vat Purnima Puja (AI Generated)
  • सत्यवान और सावित्री की मूर्ति या तस्वीर
  • सवा मीटर का नया लाल या पीला कपड़ा
  • जल से भरा तांबे या मिट्टी का कलश और आम के पत्ते
  • कच्चा सूत या लाल कलावे का धागा
  • बांस का बना हाथ का पंखा
  • सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, महावर, मेहंदी, आलता, कंघी, शीशा और लाल चुनरी
  • रोली या सिंदूर, कुमकुम और हल्दी
  • अक्षत
  • धूप और अगरबत्ती
  • मिट्टी के दो दीपक, रुई की बत्ती और घी
  • लाल और पीले फूल
  • मौसमी फल (आम, लीची, केला और जामुन)
  • भीगे हुए काले चने
  • गुड़ और चना
  • मिठाई और नारियल
  • बताशे या चीनी के खिलौने
  • सात प्रकार के अनाज (बांस की टोकरी या पात्र में रखने के लिए)
  • गंगाजल
  • पूजा में अर्पित करने के लिए दक्षिणा

Vat Purnima Vrat Puja Vidhi: ऐसे करें बरगद की पूजा

Vat Purnima Vrat Puja
Vat Purnima Puja (AI Generated)
  • वट पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद लाल या पीले कपड़े पहनें।
  • विवाहित महिलाएं सोलह श्रृंगार करें।
  • फिर बांस की टोकरी में सात प्रकार के अनाज, फल, फूल, रोली, कुमकुम, कच्चा सूत, दीपक, साड़ी और श्रृंगार की सामग्री रखें।
  • इसके बाद वट पेड़ के पास जाकर घी का दीपक जलाएं, फिर पेड़ की परिक्रमा करें और कच्चा सूत लपेटें।
  • इसके बाद वट वृक्ष पर कुमकुम-हल्दी का तिलक लगाकर, चने और गुड़ का प्रसाद चढ़ाएं।
  • इस पूजा के दौरान सावित्री-सत्यवान की कथा जरूर सुनें।
  • अंत में आरती कर पति की दीर्घायु और पारिवारिक सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
  • फिर अपने पति के पैर छूकर उन्हें प्रसाद दें।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।