Vat Savitri Vrat Par Kya Daan Kare: वैवाहिक बाधाओं से मिलेगी मुक्ति! वट सावित्री पर बरगद की पूजा के साथ इन 5 चीजों का दान दिलाएगा अक्षय पुण्य और अखंड सौभाग्य

Summary :

Vat Savitri Vrat Par Kya Daan Kare: हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का बहुत महत्व होता है, ये व्रत साल में दो बार आता है। भारत के कुछ हिस्सों में महिलाएं इसे ज्येष्ठ अमावस्या को रखती हैं, तो कुछ जगहों पर इसे ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में ज्येष्ठ अमावस्या वाला व्रत मुख्य रूप से रखा जाता है। इस व्रत में मुख्य रूप से बरगद (वट) के पेड़ की पूजा की जाती है और सावित्री-सत्यवान की पौराणिक कथा सुनी जाती है। इस दिन कुछ विशेष चीजों का दान करना अत्यंत…

Vat Savitri Vrat Par Kya Daan Kare: हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का बहुत महत्व होता है, ये व्रत साल में दो बार आता है। भारत के कुछ हिस्सों में महिलाएं इसे ज्येष्ठ अमावस्या को रखती हैं, तो कुछ जगहों पर इसे ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में ज्येष्ठ अमावस्या वाला व्रत मुख्य रूप से रखा जाता है। इस व्रत में मुख्य रूप से बरगद (वट) के पेड़ की पूजा की जाती है और सावित्री-सत्यवान की पौराणिक कथा सुनी जाती है। इस दिन कुछ विशेष चीजों का दान करना अत्यंत फलदाई माना जाता है।

Vat Savitri Vrat 2026: इस साल कब है वट सावित्री व्रत?

Vat Savitri Vrat Par Kya Daan Kare
Vat Savitri Vrat Par Kya Daan Kare (AI Generated)
साल 2026 में ज्येष्ठ अमावस्या तिथि की शुरूआत 16 मई 2026 को सुबह 05:11 बजे से होगी, जिसका समापन 17 मई की सुबह 01:30 बजे होगा। उदयातिथि के अनुसार, वट सावित्री का व्रत 16 मई को रखा जाएगा।

Vat Savitri Vrat Par Kya Daan Kare: वट सावित्री पर इन वस्तुओं का करें दान

Vat Savitri Vrat Par Kya Daan Kare
Vat Savitri Vrat Par Kya Daan Kare (Source: Social Media)

1. सुहाग की सामग्री का दान

वट सावित्री का व्रत वैवाहिक सुख और सौभाग्य का प्रतीक है। इस खास दिन पर शादीशुदा महिलाओं को सुहाग से जुड़ी वस्तुएं दान करना बहुत ही शुभ फल देता है। आप अपनी सामर्थ्य के अनुसार लाल या हरी चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी, मेहंदी, आलता और साड़ी या ब्लाउज का कपड़ा दान कर सकती हैं। जब आप ये चीजें किसी जरूरतमंद सुहागिन महिला को देती हैं, तो इससे माता सावित्री और देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। माना जाता है कि इससे पति की उम्र लंबी होती है और आपसी रिश्तों में प्यार बढ़ता है।

2. फल और अनाज का दान

यह व्रत ज्येष्ठ के महीने में पड़ता है जब बहुत तेज गर्मी होती है, इसलिए इस समय ठंडे फल और अनाज का दान करना बहुत पुण्य का काम माना जाता है। आप तरबूज, खरबूजा, आम और लीची जैसे मौसमी फल दान करें। इसके अलावा गेहूं, चावल या सत्तू का दान भी विशेष लाभकारी है। भूखे और जरूरतमंद लोगों को भोजन या अनाज देने से घर में कभी बरकत कम नहीं होती और अन्न के भंडार हमेशा भरे रहते हैं।

3. जल का दान

भीषण गर्मी के दौरान प्यासे को पानी पिलाना महादान कहलाता है। वट सावित्री के दिन किसी मंदिर या सार्वजनिक स्थान पर मिट्टी का कलश भरकर रखना या राहगीरों को ठंडा पानी पिलाना बहुत शुभ होता है। अगर आप बड़ा आयोजन नहीं कर सकतीं, तो किसी गरीब व्यक्ति को पानी की बोतल या मिट्टी का छोटा पात्र भेंट करें। यह दान आपके जीवन और परिवार में शांति व ठंडक लाता है।

4. घी और तेल का दान

पूजा-पाठ में घी और तेल का बहुत महत्व है। इस दिन किसी मंदिर में दीपक जलाने के लिए शुद्ध घी या तेल का दान करें। ऐसा करने से जीवन की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और घर में सकारात्मकता आती है। यह उपाय आपके जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर कर धन के नए रास्ते खोलता है।

5. धन और दक्षिणा का दान

अपनी शक्ति और श्रद्धा के अनुसार कुछ पैसों का दान करना भी बहुत जरूरी है। व्रत के बाद ब्राह्मणों या गरीबों को दक्षिणा देने से आपका व्रत पूरा माना जाता है। मान्यता है कि जो लोग इस दिन खुले दिल से दान करते हैं, उनके घर में माता लक्ष्मी हमेशा निवास करती हैं और सारी आर्थिक परेशानियां खत्म हो जाती हैं।

Benefits of Vat Savitri Vrat: वट सावित्री व्रत के लाभ

Vat Savitri Vrat Par Kya Daan Kare
Vat Savitri Vrat Par Kya Daan Kare (AI Generated)
  • अखंड सौभाग्य: यह व्रत मुख्य रूप से पति की लंबी उम्र और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है।
  • अच्छी सेहत: वट वृक्ष (बरगद) की पूजा करने से पति को लंबी आयु और अच्छा स्वास्थ्य मिलता है।
  • संतान सुख: जिन महिलाओं को संतान की इच्छा है, उनके लिए यह व्रत बहुत फलदायी माना जाता है।
  • खुशहाली: इस व्रत और दान-पुण्य से घर में सुख, शांति और तरक्की आती है।
  • ग्रह दोषों से मुक्ति: साल 2026 में यह व्रत शनिवार को पड़ रहा है, इसलिए इस दिन दान करने से शनि देव के बुरे प्रभाव और शादी-ब्याह में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।