32nd Avenue Ceo Dhruv Sharma Arrested: गुरुग्राम पुलिस ने एक बड़े रियल एस्टेट घोटाले का खुलासा करते हुआ बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने इस मामले में 32nd एवेन्यू कमर्शियल प्रोजेक्ट के फाउंडर, सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर ध्रुव दत्त शर्मा को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक ही कमर्शियल यूनिट को कई निवेशकों को बेचकर और लंबे समय तक ‘गारंटीड रेंटल रिटर्न’ का लालच देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये ठगे।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला बड़े स्तर की धोखाधड़ी, पैसों की हेराफेरी और आपराधिक साजिश से जुड़ा हुआ है। शुरुआती अनुमान में इस घोटाले की राशि 500 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

32nd Avenue Ceo Dhruv Sharma Arrested: 6 दिन की पुलिस रिमांड पर आरोपी
ध्रुव दत्त शर्मा को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 6 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। इस मामले की जांच अब इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) कर रही है। जांच एजेंसी बैंक ट्रांजैक्शन, प्रॉपर्टी डील और फंड के इस्तेमाल से जुड़े सभी दस्तावेज खंगाल रही है।
Dhruv Sharma Arrested: निवेशकों को लुभाने के लिए किए गए बड़े वादे
पुलिस जांच में सामने आया है कि निवेशकों को 30 साल तक की गारंटीड लीज रेंट, बायबैक ऑप्शन और हर महीने तय इनकम का भरोसा दिया गया था। इन वादों के दम पर कई लोगों ने गुरुग्राम के इस कमर्शियल प्रोजेक्ट में 1 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये तक निवेश किया। निवेशकों को यह भी कहा गया था कि उन्हें समय पर पजेशन मिलेगा और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।

32nd Avenue CEO Arrested: अगस्त 2025 से बंद हो गया रेंटल पेमेंट
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अगस्त 2025 के बाद रेंटल पेमेंट पूरी तरह बंद हो गया। इसके अलावा TDS, GST, PF और ESI जैसे कानूनी भुगतान भी जमा नहीं किए गए। कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। पुलिस को शक है कि कई कमर्शियल यूनिट्स को एक से ज्यादा खरीदारों को बेचा गया, जिससे असली पजेशन मिलना संभव ही नहीं था। जब निवेशकों ने बायबैक क्लॉज लागू करने या पजेशन की मांग की, तो प्रमोटर असमर्थता जताने लगे।
अब तक 5 से ज्यादा FIR, सैकड़ों निवेशक प्रभावित
अब तक इस मामले में 5 से अधिक एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और 40-50 निवेशकों के बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि ठगे गए लोगों की संख्या 500 से 1000 के बीच हो सकती है। शुरुआती पूछताछ में ध्रुव दत्त शर्मा ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि निवेशकों से जुटाया गया पैसा गोवा में लग्जरी विला और राजस्थान के नीमराना में प्रॉपर्टी खरीदने में लगाया गया।

कोर्ट ने मांगी एक्शन टेकन रिपोर्ट
इस मामले में एक वरिष्ठ नागरिक निवेशक अरविंद गुप्ता की याचिका पर कोर्ट ने पुलिस से एक्शन-टेकन रिपोर्ट मांगी है। याचिका में बैंक अकाउंट फ्रीज करने, प्रॉपर्टी अटैच करने, फोरेंसिक ऑडिट और पासपोर्ट सस्पेंड करने जैसी मांगें की गई हैं। फिलहाल EOW मामले की गहराई से जांच कर रही है। निवेशकों को उम्मीद है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और उन्हें उनका पैसा वापस मिलेगा।
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