चंडीगढ़ : हरियाणा में एक बार फिर से बसों का चक्का जाम होने जा रहा है। मंगलवार से प्रदेश के रोडवेज कर्मचारी दो दिन के लिए हड़ताल पर जा रहे हैं। सोमवार को दिनभर कर्मचारी संगठन जहां हड़ताल को अमली रूप देने की तैयारी में जुटे रहे वहीं सरकार दैनिक यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुटे रहे। कर्मचारियों की हड़ताल अगर मजबूती के साथ लागू होती है तो प्रदेश के 13 लाख यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। रोडवेज कर्मचारी इससे पहले भी चक्का जाम कर रहे हैं। कर्मचारी संगठन पिछले कई माह से किलोमीटर स्कीम का विरोध कर रहे हैं।
अब कर्मचारियों ने 16 अक्तूबर से दो दिन के लिए चक्का जाम करने का ऐलान किया है। हरियाणा के कई रोडवेज डिपू में आज सुबह तीन बजे से बसों की हड़ताल शुरू हो गई है। हरियाणा सरकार की नीतियों के विरोध में ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने 16 अक्तूबर से दो दिन के लिए की जा रही चक्का जाम हड़ताल का सर्वकर्मचारी संघ ने समर्थन कर दिया है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार को चेताया है कि अगर हड़ताल को विफल बनाने के लिए बल प्रयोग करने सहित कई हथकंडे अपनाए तो सभी विभागों के कर्मचारी एकजुटता के साथ इसका जवाब देंगे। रोड़वेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान हरिनारायण शर्मा, महासचिव बलवान सिंह दोदवा, वरिष्ठ उपप्रधान सुरेश लाठर, उप-महासचिव मायाराम उनियाल, कैशियर विनोद शर्मा व मुख्य सलाहकार रमेश सैनी ने बताया कि सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में समूह कर्मचारी पूरी तरह से एकजुट हैं।
रोडवेज कर्मियों का ऐलान फिर से होगा चक्का जाम
इस बीच सर्वकर्मचारी संघ के प्रधान धर्मबीर फौगाट, महासचिव सुभाष लांबा, नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, आल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन के प्रधान सुरेश राठी, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रधान सीएन भारती, मैकेनिकल वर्कर यूनियन के अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह डंगवाल, हरियाणा मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र प्रताप गुलियां,हेमसा के प्रधान संदीप सांगवान ने हड़ताल का समर्थन करते हुए सरकार से निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की है। कर्मचारी नेताओं ने दावा किया कि अगर सरकार ने कर्मचारियों के साथ किया वादा पूरा नहीं किया तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन हड़ताल में भी तबदील किया जा सकता है।
(राजेश जैन)


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