हरियाणा में मानसून की जल्दबाजी और मौसम में लगातार बदलाव को देखते हुए, किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल की बोआई में सावधानी बरतें। मौसम वैज्ञानिकों ने तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है, जिससे फसलों पर असर पड़ सकता है। किसानों को फसलों की बोआई के लिए मौसम के पूर्वानुमान पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
हरियाणा में मानसून समय से पहले पहुंच रहा है। ऐसे में किसानों को मौसम में हो रहे बदलाव को ध्यान में रखकर फसल की बोआई करने की सलाह दी गई है। हरियाणा के अधिकांश क्षेत्रों में आजकल तेज हवाएं, आंधी और हल्की बारिश दर्ज की जा रही हैं। मौसम में बदलाव का सिलसिला लगातार बना हुआ है।चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन लाल खीचड़ ने पत्रकारों से बात करते हुए दो जून को हरियाणा में बारिश होने की संभावना जताई है। साथ ही किसानों को मौसम को ध्यान में रखकर फसलों की बोआई करने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिक ने बताया, पिछले दो दिन से प्रदेश में मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है। जैसा पूर्वानुमान लगाया गया था, उसी अनुसार हरियाणा के अधिकांश क्षेत्रों में आंधी और तेज हवाओं के साथ छिटपुट बूंदाबांदी देखी जा रही है। उन्होंने बताया, मौसम में इस तरह का बदलाव शनिवार तक देखने को मिलेगा। 2 जून की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके कारण हरियाणा में तेज हवाएं चल सकती हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। मानसून की गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, मध्य भारत तक मानसून पहुंच चुका है। मानसून के हरियाणा में पहुंचने की संभावना जून के आखिर तक बनती है। हालांकि, मानसून की गति काफी तेज देखी जा रही है, परंतु फिर भी हरियाणा की ओर बढ़ने में थोड़ा समय और लगेगा।
उन्होंने कहा, हरियाणा में एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं और 20 जून से प्री मानसून बारिश शुरू हो जाती है, इसलिए तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी देखने को नहीं मिलेगी। हरियाणा में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। किसानों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव को देखते हुए ही फसल की बोआई करें, सब्जियों व फलदार पौधों में पानी की आवश्यकता हो तो हल्का पानी दिया जा सकता है।


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