Haryana News: गृह मंत्रालय, हरियाणा के जनगणना संचालन निदेशक डॉ. ललित जैन ने राज्य के सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे 30 अप्रैल तक अपनी स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी कर लें। उन्होंने बताया कि यह सुविधा इसी दिन तक उपलब्ध है, इसलिए सभी लोग समय रहते इसका लाभ उठाएं। डॉ. जैन के अनुसार,
हरियाणा में अब तक 2.45 लाख से अधिक परिवार स्व-गणना कर चुके हैं, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि राज्य में लोगों के बीच जागरूकता और भागीदारी लगातार बढ़ रही है। खासकर युवाओं में इस प्रक्रिया को लेकर काफी उत्साह देखा गया है, जो डिजिटल माध्यमों का बेहतर उपयोग कर रहे हैं।


Haryana News: ऑनलाइन प्रक्रिया बेहद आसान
स्व-गणना की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया गया है। नागरिक आधिकारिक पोर्टल http://se.census.gov.in पर जाकर मात्र 5 से 7 मिनट में अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें एक विशेष आईडी नंबर प्राप्त होता है। यह आईडी भविष्य में गणक (एन्यूमरेटर) के दौरे के समय साझा करना जरूरी होगा, जिससे डेटा का सत्यापन हो सके।
1 मई से शुरू होगा जनगणना का मुख्य अभियान
डॉ. जैन ने जानकारी दी कि हरियाणा में वास्तविक जनगणना और आवास सूचीकरण का कार्य 1 मई 2026 से शुरू होगा। इस दौरान गणक और पर्यवेक्षक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इन अधिकारियों का सहयोग करें और सही व अद्यतन जानकारी प्रदान करें।
जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएगी। इस डेटा को किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा। इसलिए लोगों को बिना किसी झिझक के सही जानकारी देनी चाहिए। जनगणना को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य बताते हुए डॉ. जैन ने कहा कि इसके माध्यम से देश की योजनाएं, नीतियां और संसाधनों का सही वितरण तय किया जाता है। हर नागरिक की भागीदारी इस प्रक्रिया को सफल बनाती है और देश के विकास में योगदान देती है।
असहयोग करने पर हो सकती है कार्रवाई
उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि कोई व्यक्ति जनगणना अधिकारियों को जानकारी देने से मना करता है या सहयोग नहीं करता, तो यह जनगणना अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा। इसलिए सभी नागरिकों को नियमों का पालन करना चाहिए। डॉ. जैन ने राज्य के सभी जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया और बताया कि जनगणना अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि गणक और पर्यवेक्षक इस पूरी प्रक्रिया के अहम स्तंभ हैं और उनसे पूरी निष्ठा के साथ काम करने की अपेक्षा है।
सहायता के लिए उपलब्ध है हेल्पलाइन
यदि किसी नागरिक, गणक या पर्यवेक्षक को कोई समस्या आती है, तो वे अपने संबंधित अधिकारियों या तहसीलदार से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, जनगणना विभाग की हेल्पलाइन नंबर 1855 भी उपलब्ध है, जहां शिकायतों और समस्याओं का समाधान किया जाएगा।


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