जींद उपचुनाव में बीजेपी, कांग्रेस, इनेलो, जेजेपी के बीच दिलचस्प मुकाबला होने की उम्मीद

Summary :

हरियाणा की जींद विधानसभा के लिए 28 जनवरी को होने वाले उपचुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा, विपक्षी इनेलो, कांग्रेस और नवगठित जननायक जनता पार्टी

हरियाणा की जींद विधानसभा के लिए 28 जनवरी को होने वाले उपचुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा, विपक्षी इनेलो, कांग्रेस और नवगठित जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के बीच दिलचस्प मुकाबला होने की उम्मीद है और सभी पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

इस उपचुनाव को मनोहर लाल खट्टर की सरकार पर जनमत संग्रह और लोकसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। इनेलो विधायक हरिचंद मिड्ढा के निधन के कारण इस सीट पर उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया है।

इस चुनाव में कांग्रेस ने जाट नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला, जेजेपी ने दिग्विजय सिंह चौटाला, भाजपा ने मिड्ढा के पुत्र कृष्ण मिड्ढा और इनेलो ने जाट नेता उमेद सिंह रेढू को उम्मीदवार बनाया है।

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जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है सभी दलों के उम्मीदवारों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मतदान के पांच दिन पहले अधिक से अधिक मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने के लिये सभी दलों के नेता जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं। कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने के लिये प्रदेश के सभी बड़े नेताओं को उतारने के अतिरिक्त पंजाब सरकार के मंत्रियों की भी सेवाएं ली हैं। जननायक जनता पार्टी के प्रत्याशी दिग्विजय चौटाला की स्थिति मजबूत करने के लिये नैना चौटाला और दुष्यंत चौटाला मतदाताओं पर प्रभाव डालने का पुरजोर प्रयास कर रहे हैं।

भाजपा ने भी अपने प्रत्याशी कृष्ण मिड्ढा की जीत सुनिश्चित करने के लिये मंत्रियों की पूरी फौज मैदान में उतार दी है और उसके कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिये जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं। वहीं, लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के उम्मीदवार विनोद आसरी कांग्रेस और भाजपा दोनों का खेल बिगाड़ने के लिये भरसक प्रयास कर रहे हैं। इनेलो भी अपने प्रत्याशी की जीत के लिये तमाम हथकंडे अपना रही है।

कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सुरजेवाला ने जींद शहर में विभिन्न नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह उपचुनाव केवल विधायक चुनने के लिये नहीं है बल्कि यहां की ‘तस्वीर और तकदीर’ बदलने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि वह जींद पर लगे पिछड़ेपन के ठप्पे को हटाने आए हैं।

मुख्यमंत्री खट्टर के दौरे के बाद से लो प्रोफाइल होकर प्रचार कर रही भाजपा का चुनाव प्रचार तेज हो गया है। भाजपा शहर में भारी बढ़त हासिल करने के अतिरिक्त गांवों में भी बड़ी हिस्सेदारी पाने के लिये काम कर रही है। इनेलो ने दावा किया है कि कांग्रेस और जेजेपी ने ‘‘आयात किए गए’’ उम्मीदवारों को खड़ा किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर, दिवंगत मुख्यमंत्री भजन लाल के पुत्र कुलदीप बिश्नोई और पार्टी सांसद कुमारी शैलजा ने सुरजेवाला की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रचार किया है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, कैबिनेट मंत्री रामबिलास शर्मा, कैप्टन अभिमन्यु और मनीष ग्रोवर मिड्ढा के लिए प्रचार कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जाट समुदाय के वोट सुरजेवाला, रेढू और दिग्विजय के बीच बंट सकते हैं क्योंकि तीनों जाट समुदाय से संबंध रखते हैं जिसका लाभ भाजपा उम्मीदवार को हो सकता है।

आप के समर्थन से जेजेपी उम्मीदवार को बल मिल सकता है। चौटाला परिवार में शक्ति संघर्ष के कारण इनेलो में फूट पड़ने के बाद जेजेपी अस्तित्व में आई है। तिहाड़ जेल से इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला की फरलो रद्द किए जाने के बाद परिवार में परस्पर विरोधी धड़ों में मौखिक जंग शुरू हो गई थी। चौटाला ने अपने पोतों दुष्यंत एवं दिग्विजय पर ‘‘पीठ पर वार करने’’ और आप के साथ मिलकर षड़यंत्र रचने का आरोप लगाया है।

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