चंडीगढ़ : किसान वर्ग की दुख-तकलीफों को समझने तथा इंस्पेक्टरी राज से मुक्ति दिलाने के लिए लगातार कदम उठाते हुए रविवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने पैतृक जिले रोहतक में व्यापारियों का मन हर लिया। इनेलो-कांग्रेस शासन के दौरान कराहते व्यापारियों की स्तिथि का सटीक चित्रण करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने छोटे-बड़े हजारों व्यापारियों को सामाजिक संरक्षण के दायरे में लाते हुए जोखिम और दुर्घटना बीमा देने का ऐलान करके मरहम लगाने का काम किया। रोहतक के आईटीआई मैदान में आयोजित विराट व्यापारी सम्मेलन के दौरान भाजपा सरकार के दौरान कुरुक्षेत्र के बाद इस दूसरे बड़े आयोजन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल व्यापारियों के संकटमोचक के तौर पर नजर आए।
प्रदेश के छोटे-बड़े व्यापारियों के सामने हर मोड़ पर चिंता और चुनौतियों को हरने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए जहां उन्हें दुकान, व्यापार में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए जोखिम बीमा योजना का कवर देने की घोषणा की, वहीं आकस्मिक दुर्घटना की स्तिथि में 5 लाख रुपए तक का बीमा कवर देने पर जोर दिया। स्पष्ट शब्दों में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने व्यापारियों को पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के शासन के दौरान रैली, झलसों के लिए व्यापारियों को चंदा देने के लिए मजबूर करने पर चुटकी लेते हुए कहा कि अब न तो उनके व्यापार को रंजिशन मिट्टी में मिलाने वाले हैं और न ही जेल में बैठकर व्यापारियों से फिरौती मांगने वाले तत्व।
व्यापारियों को परेशान करने वालों को संरक्षण देने वालों का समय अब बीत चुका है। पहले रैली करने के लिए नेता, अधिकारी औद्योगिक क्षेत्र और मंडियों में व्यापारी का रुख करते थे और आयोजन में खुद को सोना, चांदी, महंगे उपहारों से नेताओं का सम्मान करने के लिए मजबूर किया जाता था। आज भाजपा सरकार व्यापारियों को सम्मान देने के लिए आयोजन करती है।
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(राजेश जैन)


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