महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक ने मांग की है कि हरियाणा सरकार फरीदाबाद के बादशाह खान अस्पताल का नाम बदलकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखने के फैसले पर दोबारा विचार करे। मलिक ने बादशाह खान या सीमांत गांधी के नाम से मशहूर स्वतंत्रता सेनानी खान अब्दुल गफ्फार खान की 131वीं जयंती के मौके पर मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि खान और वाजपेयी दोनों भारत रत्न से सम्मानित हैं। किसी एक के लिए किसी दूसरे के नाम को हटाना उचित नहीं है।
हरियाणा सरकार ने पिछले साल दिसंबर में अस्पताल का नाम बदलने की अधिसूचना जारी की थी। मलिक ने कहा, ”ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में सीमांत गांधी के योगदान को अनदेखा नहीं किया जा सकता। हमें वाजपेयी के नाम पर कोई आपत्ति नहीं है। ऐसा किसी और स्थान पर किया जा सकता है।” मंत्री ने कहा कि लोगों को एकजुट होकर अस्पताल का नाम खान के नाम पर ही रहने देने की मांग करनी चाहिए। इस अस्पताल का उद्घाटन साल 1951 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था।


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