घरौंडा : घरौंडावासियों के लंबे संघर्ष व राजनीतिक दबाव के चलते टोल अधिकारियों को अपना फैसला वापिस लेना पड़ा। लोकल वाहन चालक आरसी दिखाकर पहले की तरफ बसताडा टोल प्लाजा से फ्री निकल सकेंगे जबकि मल्टीएक्सेल व्हीकल को जिला प्रशासन से लिस्ट फाइनल होने के बाद यह सुविधा प्रदान की जाएगी। प्रशासन की ओर से लोगों को इस प्रकार की सुविधा देने का आश्वासन देने के बाद लोकल वाहन चालकों ने राहत की सांस ली हैं। लोकल वाहन चालकों ने करनाल के सांसद अश्विनी चोपड़ा का आभार व्यक्त किया। नेशनल हाइवे पर बसताड़ा के पास स्थित टोल प्लाजा पर महिने भर से चल रहा विवाद राजनीतिक व प्रशासनिक लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ था। टोल हटाओ संघर्ष समिति की 31 सदसीय कमेटी बनाई गई थी। इस मामले में टोल कंपनी के अधिकारियों से बातचीत करने की बात कही थी।
सोमवार को आईजी नवदीप विर्क, एसपी सुरेंद्र भौरिया, टोल कंपनी के डीजीएम संजय माथुर व टोल संघर्ष समिति के सदस्यों की बैठक करनाल बुलाई गई। बैठक लगभग एक घंटे तक चली, जिसमें फैसला लिया गया कि कार, जीप व अन्य छोटे वाहन चालक अपने लोकल ऑरिजनल डॉक्यूमेंट दिखाकर निशुल्क आवाजाही कर सकते हैं। जबकि मल्टी एक्सेल व्हीकल के चालकों को अपनी लिस्ट जिला प्रशासन को सौंपनी होगी। लिस्ट वेरिफाई होने के बाद ही इन वाहनों को आवागमन की सुविधा दी जाएगी। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों ने टोल संघर्ष समिति के सदस्यों को निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी लोकल फर्जी आईडी मिली तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बातचीत के बाद दोनों पक्षों में सहमति हो गई।
जिसके बाद लोकल वाहन चालकों ने राहत की सांस ली हैं। लोगों ने बताया कि टोल कंपनी व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई बैठक में टोल कंपनी ने लोकल वाहन चालकों को पहले की तरफ टोल से फ्री निकलने की सुविधा दे दी है। फिलहाल यह सुविधा कार, जीप व छोटे वाहनों को यह सुविधा मिली हैं, उसमें भी वाहन चालकों को अपने वाहन के ओरिजनल कागजात दिखाने होंगे। जबकि मल्टी एक्सेल व्हीकल के लिए जिला प्रशासन की ओर से लिस्ट फाइनल होकर आएगी। लोकल वाहन चालकों के लिए जी का जंजाल बनी इस समस्या के समाधान में हल्का विधायक हरविंद्र कल्याण ने बहुत सहयोग किया हैं।
– सुरेन्द्र पांचाल


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