चावल या गेहूं, जानें कौन है सेहत के लिए फायदेमंद और हानिकारक?

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Rice vs Wheat: गेहूं और चावल दोनों ही भारतीय थाली का मुख्य भोजन रहे हैं। दोनों के बिना भारतीय थाली अधूरी है, लेकिन चावल और गेहूं के बीच हमेशा सेहत को लेकर दो मत रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि गेहूं ज्यादा फायदेमंद है, जबकि कुछ लोग चावल को गेहूं की तुलना में ज्यादा पौष्टिक मानते हैं। हालांकि आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि गेहूं और चावल दोनों ही सेहत के लिए खराब हो सकते हैं। आयुर्वेद मानता है कि समस्या अनाज में नहीं, बल्कि रिफाइंड अनाज, गलत मात्रा और गलत तरीके से खाने में है। आधुनिक…

Rice vs Wheat: गेहूं और चावल दोनों ही भारतीय थाली का मुख्य भोजन रहे हैं। दोनों के बिना भारतीय थाली अधूरी है, लेकिन चावल और गेहूं के बीच हमेशा सेहत को लेकर दो मत रहे हैं।

कुछ लोगों का मानना है कि गेहूं ज्यादा फायदेमंद है, जबकि कुछ लोग चावल को गेहूं की तुलना में ज्यादा पौष्टिक मानते हैं। हालांकि आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि गेहूं और चावल दोनों ही सेहत के लिए खराब हो सकते हैं।

आयुर्वेद मानता है कि समस्या अनाज में नहीं, बल्कि रिफाइंड अनाज, गलत मात्रा और गलत तरीके से खाने में है। आधुनिक चावल और गेहूं दोनों के फायदे भी हैं और नुकसान भी। सही चुनाव, सही पकाने का तरीका और संतुलित थाली ही असली समाधान है, तो चलिए गेहूं और चावल दोनों के फायदे जानते हैं। पहले बात करते हैं गेहूं की।

गेहूं में हाई ग्लूटेन होता है, जो लंबे समय तक सेवन करने से मधुमेह और थायराइड जैसी बीमारियों को जन्म देता है। इससे पेट से जुड़े रोग भी होते हैं, क्योंकि ये आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को पनपने के लिए माहौल नहीं दे पाता है। दूसरा, आज के गेहूं में पोषक तत्वों की कमी होती है, खासकर जिंक और आयरन की। तीसरा, ज्यादा गेहूं का सेवन इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाता है, जिससे रक्त में शुगर की मात्रा तेजी से बढ़ती है। लेकिन हां, गेहूं में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो ऊर्जा का बेहतरीन विकल्प है।

वहीं चावल की बात करें तो हर किस्म के चावल में हाई ग्लाइसेमिक का इंडेक्स बहुत ज्यादा होता है, जो मोटापा और मधुमेह होने के चांस बढ़ा देता हैं। दूसरा, चावल के पौधे की जड़ में गेहूं के पौधे की तुलना में मिट्टी से पोषक तत्वों को सोखने की क्षमता कम होती है। ऐसे में चावल में ज्यादा हानिकारक रसायन पाए जाते हैं। तीसरा, आजकल मिलने वाले पॉलिश किए हुए चावलों में आयरन, जिंक और बाकी पोषक तत्व नहीं होते हैं। चावल सिर्फ पचने में आसान होते हैं और एक सीमित मात्रा तक पेट के लिए सही हैं।

अब सवाल है कि खाएं क्या? स्वस्थ भोजन के लिए जीवन में तीन नियमों का पालन करना जरूरी है। पहला, भोजन को ठीक से पकाना। रोटी हो या चावल, दोनों को अच्छे से पकाना बहुत जरूरी है। चावल को कई बार धोएं और अच्छे से पकाएं, जबकि रोटी को आहार में सीमित करें। एक दिन में 2 से ज्यादा रोटियां का सेवन न करें। दूसरा, भोजन में बाकी अनाज को भी शामिल करें। सिर्फ चावल और गेहूं पर ही निर्भर न रहें। बाजरा, ज्वार और मक्का भी इस्तेमाल करें। तीसरा, अनाज की मात्रा कम और सब्जी की मात्रा थाली में ज्यादा रखें। धारणा है कि रोटी और चावल से ताकत और मजबूती मिलती है, लेकिन ये गलत है। ये सिर्फ अस्थायी ऊर्जा देते हैं, ताकत या मजबूती नहीं।

–आईएएनएस

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