Aaj Ka Panchang 05 April 2026: वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि, जानें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

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Aaj Ka Panchang 05 April 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार 05 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि रहेगी। ज्योतिष गणना के मुताबिक तृतीया तिथि दोपहर लगभग 12 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इस दिन चंद्रमा तुला राशि में विराजमान रहेंगे और विशाखा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। साथ ही दिनभर कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिनका प्रभाव पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों पर सकारात्मक माना जाता है। आइए जानते हैं 05 अप्रैल 2026 का विस्तृत पंचांग। आज का पंचांग –…

Aaj Ka Panchang 05 April 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार 05 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि रहेगी। ज्योतिष गणना के मुताबिक तृतीया तिथि दोपहर लगभग 12 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।

इस दिन चंद्रमा तुला राशि में विराजमान रहेंगे और विशाखा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। साथ ही दिनभर कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिनका प्रभाव पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों पर सकारात्मक माना जाता है। आइए जानते हैं 05 अप्रैल 2026 का विस्तृत पंचांग।

आज का पंचांग – Aaj Ka Panchang 05 April 2026

विक्रम संवत: 2082, कालयुक्त
शक संवत: 1948, पराभव
माह: वैशाख (पूर्णिमान्त)
माह: चैत्र (अमान्त)

तिथि

कृष्ण पक्ष तृतीया: सुबह से दोपहर 11:59 बजे तक
इसके बाद चतुर्थी तिथि का आरंभ हो जाएगा।

नक्षत्र

विशाखा नक्षत्र: 06 अप्रैल को रात 12:08 बजे तक
इसके बाद अनुराधा नक्षत्र प्रारंभ होगा।

योग

वज्र योग: दोपहर 02:44 बजे तक
इसके बाद सिद्धि योग का निर्माण होगा।

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय: सुबह 06:07 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:41 बजे
चंद्रोदय: रात 09:58 बजे
चंद्रास्त: सुबह 07:33 बजे

अशुभ काल

कुछ समय ऐसे होते हैं जिन्हें ज्योतिष में शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।

राहुकाल: शाम 05:07 बजे से 06:41 बजे तक
यमगंड काल: दोपहर 12:24 बजे से 01:58 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 03:33 बजे से 05:07 बजे तक

इन समयों में महत्वपूर्ण कार्य या शुभ शुरुआत करने से बचना बेहतर माना जाता है।

शुभ मुहूर्त

दिन में कुछ विशेष समय ऐसे होते हैं जिन्हें पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:35 बजे से 05:21 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:59 बजे से 12:49 बजे तक

ब्रह्म मुहूर्त को ध्यान, साधना और पूजा के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है, जबकि अभिजित मुहूर्त में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करना लाभकारी माना जाता है।

दिन का ज्योतिषीय महत्व

05 अप्रैल 2026 को बनने वाले योग और नक्षत्र का प्रभाव जीवन के कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है। इस दिन चंद्रमा का तुला राशि में होना संतुलन और सामंजस्य का संकेत देता है। वहीं विशाखा नक्षत्र को लक्ष्य प्राप्ति और परिश्रम का प्रतीक माना जाता है।

इस दिन वज्र योग के बाद सिद्धि योग बनने से धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए यह दिन शुभ माना जा सकता है।

Aaj Ka Panchang 05 April 2026: 05 अप्रैल 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा। इस दिन तृतीया तिथि के बाद चतुर्थी तिथि का आरंभ होगा और विशाखा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। साथ ही वज्र और सिद्धि योग का निर्माण भी दिन को खास बनाता है। यदि आप किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं तो ब्रह्म मुहूर्त और अभिजित मुहूर्त का समय विशेष रूप से लाभदायक माना जाएगा।

Shera Rajput