Aaj Ka Panchang 07 June 2026: 07 जून 2026, रविवार को ज्येष्ठ माह (अधिकमास) के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र और वैधृति योग का विशेष संयोग बन रहा है। चंद्रमा का गोचर कुंभ राशि में रहेगा, जिसके स्वामी ग्रह शनि हैं। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन कई महत्वपूर्ण योगों के कारण विशेष माना जा रहा है।
संवत्सर और मास
विक्रम संवत : 2083, सिद्धार्थि
शक संवत : 1948, पराभव
पूर्णिमांत मास : ज्येष्ठ
अमांत मास : ज्येष्ठ
तिथि का समय
कृष्ण पक्ष सप्तमी : 07 जून प्रातः 02:41 बजे तक से 08 जून प्रातः 03:24 बजे तक
कृष्ण पक्ष अष्टमी : 08 जून प्रातः 03:24 बजे से 09 जून प्रातः 03:23 बजे तक
नक्षत्र और योग
नक्षत्र
धनिष्ठा : 7 जून प्रातः 07:55 बजे तक
शतभिषा : 7 जून प्रातः 07:55 बजे से 8 जून प्रातः 09:09 बजे तक
योग
वैधृति योग : 07 जून प्रातः 10:01 बजे तक
विष्कुम्भ योग : 07 जून प्रातः 10:01 बजे से 08 जून प्रातः 09:27 बजे तक
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय : प्रातः 05:44 बजे
सूर्यास्त : सायं 07:06 बजे
चंद्रोदय : 08 जून रात्रि 12:18 बजे
चंद्रास्त : 08 जून दोपहर 12:18 बजे
आज के अशुभ मुहूर्त
किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को शुरू करने से पहले इन अशुभ कालों का ध्यान रखना चाहिए।
राहुकाल : सायं 05:26 बजे से 07:06 बजे तक
यमगण्ड काल : दोपहर 12:25 बजे से 02:06 बजे तक
कुलिक काल : सायं 3:46 बजे से 05:26 बजे तक
दुर्मुहूर्त : सायं 05:19 बजे से 06:13 बजे तक
वर्ज्यम् : दोपहर 03:29 बजे से सायं 05:10 बजे तक
आज के शुभ मुहूर्त
धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत के लिए ये समय शुभ माने गए हैं।
अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक
अमृत काल : रात्रि 01:35 बजे से 03:16 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 4:08 बजे से 04:56 बजे तक
आज का विशेष शुभ योग
द्विपुष्कर योग
Aaj Ka Panchang 07 June 2026: 07 जून को द्विपुष्कर योग का निर्माण हो रहा है, जो अत्यंत शुभ माना जाता है। यह योग प्रातः 2:41 बजे से सुबह 07:55 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस योग में किए गए शुभ कार्यों का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है। खरीदारी, निवेश, धार्मिक अनुष्ठान और नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ माना गया है।
धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दिन
रविवार के दिन पड़ने वाली कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि और द्विपुष्कर योग का संयोग साधकों एवं श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान करने से शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता है।


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