Aaj Ka Panchang 20 July 2026: आज, 20 जुलाई 2026, सोमवार का दिन आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को समर्पित है। इस दिन हस्त नक्षत्र के बाद चित्रा नक्षत्र का आरंभ होगा। साथ ही पहले शिव योग और उसके बाद सिद्ध योग का संयोग बन रहा है, जिसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। यदि आप विवाह संबंधी चर्चा, नया कार्य शुरू करने, पूजा-पाठ, यात्रा या किसी महत्वपूर्ण निर्णय की योजना बना रहे हैं, तो पंचांग में बताए गए शुभ और अशुभ मुहूर्त का ध्यान अवश्य रखें।
आज का पंचांग – Aaj Ka Panchang 20 July 2026
विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थि
शक संवत: 1948, पराभव
पूर्णिमांत मास: आषाढ़
अमांत मास: आषाढ़
वार: सोमवार
तिथि
शुक्ल पक्ष सप्तमी: 20 जुलाई प्रातः 03:30 बजे से 21 जुलाई प्रातः 04:03 बजे तक।
शुक्ल पक्ष अष्टमी: 21 जुलाई प्रातः 04:03 बजे से 22 जुलाई प्रातः 05:16 बजे तक।
नक्षत्र
हस्त नक्षत्र: 19 जुलाई शाम 06:11 बजे से 20 जुलाई शाम 07:09 बजे तक।
चित्रा नक्षत्र: 20 जुलाई शाम 07:09 बजे से 21 जुलाई रात 08:49 बजे तक।
योग
शिव योग: 19 जुलाई शाम 07:22 बजे से 20 जुलाई शाम 06:36 बजे तक।
सिद्ध योग: 20 जुलाई शाम 06:36 बजे से 21 जुलाई शाम 06:25 बजे तक।
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: प्रातः 5:56 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:10 बजे
चंद्रोदय: प्रातः 11:34 बजे
चंद्रास्त: रात 11:19 बजे
20 जुलाई 2026 के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: प्रातः 7:35 बजे से 9:14 बजे तक
यमगण्ड: प्रातः 10:54 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक
कुलिक काल: दोपहर 2:12 बजे से 3:51 बजे तक
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:59 बजे से 1:52 बजे तक तथा 3:38 बजे से 4:31 बजे तक
वर्ज्यम्: प्रातः 3:42 बजे से 5:25 बजे तक
20 जुलाई 2026 के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:06 बजे से 12:59 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 12:54 बजे से 2:34 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:20 बजे से 5:08 बजे तक
आज के शुभ योग
आज का दिन विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है क्योंकि दिन की शुरुआत अमृतसिद्धि योग और सर्वार्थसिद्धि योग के प्रभाव से होगी।
अमृतसिद्धि योग: 19 जुलाई शाम 06:11 बजे से 20 जुलाई प्रातः 05:56 बजे तक।
सर्वार्थसिद्धि योग: 19 जुलाई शाम 06:11 बजे से 20 जुलाई प्रातः 05:56 बजे तक।
Aaj Ka Panchang 20 July 2026: धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन शुभ योगों में किए गए मांगलिक कार्य, पूजा-पाठ, निवेश, नए व्यवसाय की शुरुआत और महत्वपूर्ण निर्णय शुभ फल देने वाले माने जाते हैं। वहीं राहुकाल, यमगण्ड, कुलिक और दुर्मुहूर्त के समय नए कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है।
आज भगवान शिव और भगवान सूर्य की उपासना करना विशेष फलदायी माना गया है। सप्तमी तिथि होने के कारण सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करना तथा ब्रह्म मुहूर्त में स्नान-ध्यान और पूजा करने से सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।



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