Stone Astrology: सिंह लग्न वालों के लिए कौन सा स्टोन है लक्की?

Summary :

Stone Astrology: सिंह एक राजसी लग्न है। इस लग्न में जन्म लेने वाले लोग अच्छी जिन्दगी जीना पसंद करते हैं। इनके पास अधिक कुछ नहीं हो तो भी ये मन से धनी होते हैं। प्रायः बीमार कम पड़ते हैं। सिंह लग्न का स्वामी सूर्य होने से इसमें एक विशेष तेज झलकता है। इसलिए चेहरे के आधार पर सिंह लग्न के जातकों को आसानी से पहचाना जा सकता है। वैसे भी वैदिक ज्योतिष में तीन लग्नों के बारे में बताया गया है। उदय लग्न, चन्द्र लग्न और सूर्य लग्न। इससे ही सूर्य की महत्ता का पता चल जाता है। पुराने जमाने…

Stone Astrology: सिंह एक राजसी लग्न है। इस लग्न में जन्म लेने वाले लोग अच्छी जिन्दगी जीना पसंद करते हैं। इनके पास अधिक कुछ नहीं हो तो भी ये मन से धनी होते हैं। प्रायः बीमार कम पड़ते हैं। सिंह लग्न का स्वामी सूर्य होने से इसमें एक विशेष तेज झलकता है। इसलिए चेहरे के आधार पर सिंह लग्न के जातकों को आसानी से पहचाना जा सकता है। वैसे भी वैदिक ज्योतिष में तीन लग्नों के बारे में बताया गया है। उदय लग्न, चन्द्र लग्न और सूर्य लग्न। इससे ही सूर्य की महत्ता का पता चल जाता है। पुराने जमाने में उदय लग्न और चन्द्र लग्न के साथ सूर्य लग्न चक्र भी बनाया जाता था। यह भी मान्यता थी कि राजघराने से जुड़े हुए लोगों की कुंडली में सूर्य लग्न को ज्यादा तवज्जो देनी चाहिए। और ऐसा पुराने जमाने के ज्योतिषी करते भी थे।

लकी स्टोन का चुनाव कैसे करें

Stone Astrology
Stone Astrology

ज्योतिष के प्राचीन सिद्धांतों के अनुसार जब कोई रत्न धारण करने की बात हो तो सबसे पहले लग्न के रत्न को प्राथमिकता देनी चाहिए। लेकिन यहां यह बात भी ध्यान में रखने की है कि रत्न तभी पहनना चाहिए जब कि उसकी आवश्यकता हो। इसलिए रत्न हमेशा उस ग्रह का पहना जाता है जो कि न केवल कुंडली में कारक हो बल्कि वह कमजोर भी हो। यदि कोई कारक ग्रह कमजोर नहीं हो तो उसका रत्न धारण करने सीधा कोई लाभ दिखाई नहीं देगा। फिर लोग शिकायत करते हैं कि रत्न का पैसा भी खर्च किया और कोई लाभ नहीं मिला। दरअसल किसी भी रत्न का लाभ जीवन में तभी दिखाई देता है जब कि वह ग्रह कमजोर हो। यदि कारक ग्रह बलवान हो तो उसका रत्न धारण करने से कोई नुकसान तो नहीं होगा लेकिन तत्काल आपको उसका फायदा दिखाई नहीं देगा, या बहुत कम फायदा दिखाई देगा। इसका कारण यह है कि जो ग्रह बलवान है वह बिना किसी रत्न के भी हमें जीवन में बहुत कुछ दे देता है और रत्न धारण करने से उसके बल में कोई बहुत ज्यादा बढ़ोत्तरी नहीं होती है। इसलिए हमें लगता है कि रत्न धारण करने का कोई लाभ नहीं मिला।

पहली बात तो आपको यह ध्यान में रखनी है कि किसी भी कुंडली में कम से कम दो ग्रह कारक होते हैं। कारक होने का मतलब है कि आप उनका स्टोन पहन सकते हैं। अब सरल सा तरीका है कि इन दो या दो से अधिक कारक ग्रहों में से जो ग्रह कमजोर हो, उसका रत्न पहने, तुरंत लाभ दिखाई देगा। इनमें भी प्राथमिकता लग्नेश को देनी चाहिए। लेकिन ऐसा तभी करें जब कि लग्नेश कमजोर हो। हालांकि उपरोक्त विधि से ही सभी लग्नों के रत्नों का चुनाव किया जाता है। लेकिन यहां केवल सिंह लग्न के बारे में ही बताया गया है।

 

सिंह लग्न के लिए लकी स्टोन कौन से हैं

Stone Astrology
Stone Astrology

जैसा कि मैं बता चुका हूं कि सभी लग्नों में दो या अधिक कारक ग्रह होते हैं। उन्हीं से संबंधित रत्न धारण किया जाता है। यहां बात सिंह लग्न की हो रही है। सिंह लग्न में मुख्य तौर पर दो रत्न सबसे शुभ फल देने वाले होते हैं। पहला है माणिक्य रत्न, जो कि लग्न का मालिक होने से सबसे कारक ग्रह है। यदि लग्नेश पीड़ित हो या बलहीन हो तो माणिक्य धारण करने से तुरंत लाभ होता है। माणिक्य को रूबि भी कहा जाता है। पुराने जमाने में माणिक्य को लाल भी कहा जाता था। माणिक्य को सोने, चांदी या ताम्र धातु में, अनामिका अंगुली में रविवार को प्रातः किसी क्षत्रिय के हाथों से धारण करना चाहिए। माणिक्य को धारण करने से पहले सूर्य के 11000 बीज मंत्रों से अभिमंत्रित करना चाहिए।

 

मूंगा भी है सिंह लग्न के लिए शुभ रत्न

Stone Astrology
Stone Astrology

माणिक्य के अलावा बात करें तो सिंह लग्न के दूसरा सबसे शुभ रत्न मूंगा है। सिंह लग्न में मंगल चूंकि केंद्र और त्रिकोण का संयुक्त स्वामी है अतः यदि मंगल की स्थिति ठीक नहीं हो तो आप 7 से 10 कैरेट का मूंगा अनामिका अंगुली में मंगलवार को प्रातः धारण करें। यदि जन्म कुंडली में मंगल शुभ स्थिति में हो तो मूंगा धारण करने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन उच्चाकांक्षी लोगों को अवश्य ही मूंगा धारण करना चाहिए। सिंह लग्न में शुक्र तृतीयेश और दशमेश होता है। इसलिए यदि शुक्र अस्तादि दोषों से पीड़ित है तो आप अपने बजट के आधार पर हीरा, पोल्की, मोजेनाइट, ओपल या फिर क्युबिक जरकनिया मध्यमा अंगुली में पहन सकते हैं।

 

 

Astrologer Satyanarayan Jangid