नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता उदित राज ने बुधवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में विभिन्न मुद्दों पर अपना पक्ष रखा।
उन्होंने अभिनेत्री कंगना रनौत के संदर्भ में कहा कि उन्हें किसी की भी जिंदगी में तांकझांक करने का हक नहीं है। ये तो भारत है, तो कुछ चीजों को नजरअंदाज कर दिया जा रहा है। अगर अमेरिका होता है, तो अब ऐसे लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाता। मैं तो कुल मिलाकर यही कहूंगा कि अगर कंगना में थोड़ी सी भी नैतिकता है, तो उन्हें सामने आकर कृति सेनन से माफी मांगनी चाहिए। कुछ भी कहने से पहले अभिनेत्री को खुद पर आत्मचिंतन करना चाहिए। इसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचना चाहिए।
इसके अलावा, उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह देश कोई धर्मशाला नहीं है। उदित राज ने कहा कि ये लोग कुछ नहीं करेंगे, सिर्फ देश का सत्यानाश करेंगे। दुनियाभर में देश की गरिमा पर इन लोगों ने कुठाराघात किया है। अब आगे देखते हैं कि ये लोग क्या कुछ करते हैं। 2004 से लेकर 2014 तक 88 हजार बांग्लादेशियों को निर्सावित किया गया और अब इस सरकार ने क्या किया? इन लोगों के शासन में शरणार्थियों की संख्या बढ़ी है। ये लोग शरणार्थियों का स्वागत कर रहे हैं। आखिर अब तक इन लोगों ने किसी भी शरणार्थी को बाहर का रास्ता क्यों नहीं दिखाया? इसके विपरीत, ये लोग हम पर ही आरोप लगाते हैं कि कांग्रेस पार्टी तुष्टिकरण की राजनीति करती है। बांग्लादेशियों को शरण देती है। ये तो आरोप भाजपा की ओर से लगाए जा रहे हैं।
वहीं, अभिषेक बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 39 उन सांसदों को नोटिस जारी किया है, जो दूसरे दल में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले को प्रोसेस में डाल दिया है लेकिन कुछ भी होने वाला नहीं है। महाराष्ट्र में हम लोगों ने देखा कि सरकार ने क्या किया? डेढ-दो सालों तक आप इस पर फैसला ही नहीं देते हैं। अब अगर ऐसी स्थिति में आप याचिका पर विचार कर ही लेते हैं, तो इससे क्या ही प्राप्त हो जाएगा। इससे पार्टियों को बहुत बड़ा नुकसान होता है। लिहाजा, सुप्रीम कोर्ट भी दबाव की स्थिति में है।
उन्होंने इलाहबाद हाईकोर्ट की ओर से हिजाब के संदर्भ में दिए फैसले पर कहा कि यह देश धर्मनिरपेक्ष है। ऐसी स्थिति में शैक्षणिक संस्थानों के जो नियम हैं, उसे मानने के लिए सभी लोग बाध्य होने चाहिए। उसके साथ किसी भी प्रकार का समझैता नहीं होना चाहिए। धार्मिक मामला व्यक्तिगत होना चाहिए।
साथ ही, कांग्रेस नेता ने पूर्व सीडीएस अनिल चौहान के बयान को लेकर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि अब अनिल चौहान के कहने का क्या मतलब है। इस तरह की कई घटनाएं हुईं होंगी। खैर, कुल मिलाकर यही कहूंगा कि हमारी सेना ने युद्ध को पूरी वीरता के साथ लड़ा है।
–आईएएनएस
एसएचके/पीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



