अजित पवार विमान हादसे पर बोले डीजीसीए के पूर्व अधिकारी, ‘जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी’

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नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बुधवार सुबह एक विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। इस दुखद घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए डीजीसीए के पूर्व अधिकारी प्रशांत ढल्ला ने कहा कि विमान दुर्घटनाएं कई कारणों से हो सकती हैं और जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के पूर्व फ्लाइट ऑपरेशन्स इंस्पेक्टर प्रशांत ढल्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटनाग्रस्त लियरजेट-45 एक सुरक्षित विमान माना जाता है और इसे उड़ा रहे पायलट अत्यंत अनुभवी थे। प्रशांत ढल्ला ने…

नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बुधवार सुबह एक विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। इस दुखद घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए डीजीसीए के पूर्व अधिकारी प्रशांत ढल्ला ने कहा कि विमान दुर्घटनाएं कई कारणों से हो सकती हैं और जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के पूर्व फ्लाइट ऑपरेशन्स इंस्पेक्टर प्रशांत ढल्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटनाग्रस्त लियरजेट-45 एक सुरक्षित विमान माना जाता है और इसे उड़ा रहे पायलट अत्यंत अनुभवी थे।

प्रशांत ढल्ला ने आईएएनएस से बातचीत में सबसे पहले दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और इस घटना को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने तकनीकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह विमान मुंबई से बारामती हवाई अड्डे के लिए रवाना हुआ था। इसे प्रतिष्ठित ऑपरेटर वीएसआर वेंचर्स द्वारा संचालित किया जा रहा था। इस विमान में इससे पहले भी कई यात्राएं सुरक्षित रूप से पूरी की जा चुकी थीं, जिससे इसकी तकनीकी विश्वसनीयता पर कोई सवाल नहीं उठता।

ढल्ला ने बताया कि विमान को कैप्टन कपूर और उनके सह-पायलट कैप्टन पाठक उड़ा रहे थे, दोनों ही बेहद अनुभवी और वरिष्ठ पायलट थे। दुर्भाग्यवश, इस हादसे में दोनों पायलटों ने भी अपनी जान गंवा दी। उन्होंने कहा कि मानवीय त्रुटि, पायलट की गलती, विमान प्रणालियों में तकनीकी खराबी या प्रतिकूल मौसम जैसी परिस्थितियां किसी भी विमान दुर्घटना का कारण बन सकती हैं और इन सभी पहलुओं की गहन जांच आवश्यक है।

ढल्ला ने कहा कि घटना के समय दृश्यता 2,000 मीटर से अधिक थी। केवल कम दृश्यता को दुर्घटना का कारण बताना सही नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विमान ने रनवे पर उतरने का एक प्रयास किया था, लेकिन कुछ कठिनाई के चलते लैंडिंग रद्द कर दी गई और विमान ने दोबारा प्रयास के लिए उड़ान भरी। इसके बाद भी विमान सुरक्षित लैंडिंग नहीं कर सका और दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

उन्होंने यह भी बताया कि बारामती एयरपोर्ट का रनवे काफी लंबा है और इसका इस्तेमाल अक्सर फ्लाइंग क्लब और प्राइवेट चार्टर्ड एयरक्राफ्ट करते हैं।

ढल्ला ने आगे कहा, “जांच से पता चलेगा कि असल में क्या गलत हुआ। अभी कुछ भी पक्के तौर पर कहना जल्दबाजी होगी। लियरजेट-45 को एक सुरक्षित एयरक्राफ्ट माना जाता है, और पायलट बहुत सीनियर थे। जो हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और बहुत दुखद है।”

–आईएएनएस

एएसएच/एबीएम

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