मुंबई, 27 जनवरी (आईएएनएस)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के सीईओ और एमडी आशीष चौहान ने मंगलवार को कहा कि भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से देश के अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स को पहले के मुकाबले आसानी से बाजार पहुंच मिलेगी और इससे देश में नए रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने में मदद मिलेगी।
चौहान ने कहा कि जैसा कि दोनों पक्षों की ओर से इस मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील कहा गया, वास्तविक रूप से यह इस दावे पर खरी उतरती है।
दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था के विश्व की कुल जीडीपी के 25 प्रतिशत के बराबर है और द्विपक्षीय व्यापार 220 अरब डॉलर का है, जिसमें से 135 अरब डॉलर का वस्तु व्यापार और 85 अरब डॉलर का सर्विसेज व्यापार है।
चौहान ने आगे कहा कि मौजूदा समय में बहुपक्षीय व्यापार तेजी से कम हो रहा है। ऐसे में समय में बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौता करना एक सही दिशा में उठाया गया कदम है।
इसके अलावा, बजट से उम्मीदों के सवाल पर एनएसई सीईओ ने कहा कि बजट को लेकर सेक्टर की अपनी-अपनी उम्मीदें होती हैं और सरकार राजस्व और खर्च देखकर ही किसी राहत पर विचार करती है।
उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी सरकार राजकोषीय घाटे के मामले में काफी अनुशासित रही है और कोविड के दौरान भी यह देखने को मिल था। इस बजट में भी कुछ ऐसी ही उम्मीदें हैं।
चौहान ने कहा कि बाजार में निवेशकों को एलटीसीजी टैक्स, एसटीटी में एसटीसीजी टैक्स में कमी की उम्मीद है। यह काफी हद सरकार की राजस्व संग्रह और खर्चों के नियोजन पर निर्भर करेगा।
भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एफटीए केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट है।
प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, यह ऐतिहासिक समझौता हमारे किसानों और हमारे छोटे उद्योगों के लिए यूरोपीय मार्केट तक पहुंच को आसान बनाएगा, मैन्युफैक्चरिंग में नए अवसर पैदा करेगा और हमारे सर्विसेज सेक्टर के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा।
–आईएएनएस
एबीएस/
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