Delhi News : केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना मुफ्त बिजली योजना अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। यह योजना लोगों, राज्यों और पूरे देश के लिए आर्थिक बचत और कल्याण सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने यह बात भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो (बीआरई) 2026 के तीसरे दिन आयोजित एक विशेष संवाद सत्र में कही।
हर छह दिन में लग रहे करीब एक लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम
जोशी ने बताया कि रूफटॉप सोलर पहल के चलते भारत में अब हर छह दिन में लगभग एक लाख सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इससे न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आ रही है, बल्कि बिजली की सर्वाधिक मांग वाले समय में देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से लाखों परिवारों का बिजली बिल शून्य हो रहा है। वहीं, अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर परिवार सामूहिक रूप से अच्छी-खासी आमदनी भी अर्जित कर रहे हैं।
3 गीगावाट से बढ़कर 172 गीगावाट हुई भारत की सौर ऊर्जा क्षमता
केंद्रीय मंत्री ने देश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में भारत की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता महज 3 गीगावाट थी, जो अब बढ़कर 172 गीगावाट हो गई है। सम्मेलन के दौरान आयोजित ‘नेक्स्ट टेरावाट डिप्लोमैटिक डायलॉग’ को संबोधित करते हुए केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अगला टेरावाट हासिल करने के लिए विभिन्न देशों, तकनीकों और संस्थानों के बीच सामूहिक सहयोग जरूरी है। उन्होंने राजनयिकों से देश-दर-देश साझेदारी, निवेश, तकनीक, परियोजनाओं के क्रियान्वयन और क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर विचार भी मांगे।
अंतरराष्ट्रीय क्रियान्वयन ढांचे और स्वच्छ ऊर्जा निवेश पर हुई चर्चा
सम्मेलन में इंटरनेशनल सोलर अलायंस (आईएसए), सीईईडब्ल्यू और एनर्जिवा वेंचर्स की ओर से आयोजित सीईओ बैठक में भविष्य के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रियान्वयन ढांचे पर चर्चा हुई। इसके अलावा आईएसए की उच्चस्तरीय सभा और छोटे द्वीपीय विकासशील देशों (एसआईडीएस) के मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन ने भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूती दी। नॉर्वे, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ आयोजित सत्रों में हाइड्रोजन, समुद्री पवन ऊर्जा और वित्तपोषण के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। वहीं, कर्नाटक, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार, गुजरात और छत्तीसगढ़ ने वैश्विक निवेशकों के सामने अपनी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं और निवेश योजनाओं को प्रस्तुत किया।
रेज़ॉन सोलर दिसंबर 2026 में शुरू करेगी 5.1 गीगावाट की सेल निर्माण इकाई
बीआरई समिट एवं एक्सपो 2026 में शामिल हुई सोलर मॉड्यूल निर्माता कंपनी रेज़ॉन सोलर लिमिटेड दिसंबर 2026 में अपनी 5.1 गीगावाट क्षमता वाली टॉपकॉन सोलर सेल निर्माण सुविधा शुरू करने जा रही है। कंपनी के मुताबिक, इस संयंत्र से पहली डिलीवरी 2027 की पहली तिमाही में शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी इस विस्तार पर 2000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रही है। कंपनी के सह-संस्थापक चिराग नकरानी और हार्दिक कोठिया ने कहा कि इन निवेशों का उद्देश्य आयात पर निर्भरता घटाना, घरेलू विनिर्माण को मजबूत करना और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है। कंपनी ने 19,800 मीट्रिक टन सालाना क्षमता वाली एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न और एनोडाइजिंग इकाई भी पूरी कर ली है। इसके अलावा, अगली पीढ़ी के सोलर मॉड्यूल के लिए टैंडम-जंक्शन तकनीक और नैनो-कोटिंग पर शोध जारी है, जिन्हें 2028 तक लॉन्च करने का लक्ष्य है।


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