एयर इंडिया में साल के पहले छह महीने में कंपनी के अंदर यौन उत्पीड़न की आठ शिकायतें मिलीं जबकि 2018 में इस ऐेसे मामलों की कुल संख्या 10 थी। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी।
इस साल 16 मई को एयर इंडिया के प्रमुख अश्वनि लोहानी ने एक संदेश भेजकर कर्मचारियों से कहा था कि कंपनी में ‘अक्सर’ यौन उत्पीड़न के मामले देखे जा रहे हैं और एयरलाइन को ऐसे अपराधियों से ‘बहुत ही सख्ती’ से निपटने की जरूरत है।
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के इस संदेश से एक दिन पहले ही 15 मई को एयरलाइन ने घोषणा की थी कि उसने एक कमांडर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की एक महिला पायलट की शिकायत की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच बिठायी है।
एक सूत्र ने कहा, ‘‘2018 के दौरान एयर इंडिया में यौन उत्पीड़न की कुल 10 शिकायतें दर्ज की गयी थी। 2019 में एक जनवरी से लेकर एक जुलाई तक यौन उत्पीड़न की आठ शिकायतें मिली हैं।’’
एक अन्य सूत्र ने रविवार को कहा कि एयर इंडिया हर ऐसी शिकायत से ‘यथासंभव सख्ती’ से निपटता रहा है।
एक महिला पायलट ने शिकायत दर्ज करायी थी कि हैदराबाद में पांच मई को उसका यौन उत्पीड़न किया गया जहां वह कमांडर से प्रशिक्षण हासिल कर रही थी। उसके बाद उच्च स्तरीय जांच शुरू की गयी थी।
एयर इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक (उत्तरी क्षेत्र) अभय पाठक ने आरोपी को पत्र लिखकर कहा, ‘‘ जांच चलते रहने के समय , निलंबन के दौरान आप बिना अनुमति एयर इंडिया लिमिटेड के परिसर में दाखिल नहीं होंगे।’’ पाठक ने कहा था, ‘‘ आप अधोहस्ताक्षरी की अनुमति के बगैर स्टेशन (दिल्ली) से नहीं जायेंगे।’’


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