‘मी टू’ अभियान में पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर पर यौन शोषण के आरोप लगाने वाली पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि मामले में मंत्री के समर्थन में गवाहों से जिरह शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत में पूरी हो गयी। दो गवाह पत्रकार जॉयीता बासु और अकबर के निजी सहायक मंजर अली शुक्रवार को जिरह के लिए अतिरिक्त चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल की अदालत में पेश हुए।
अदालत अब इस मामले पर अगली सुनवाई 23 अगस्त को करेगी। पिछले साल 17 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले अकबर ने रमानी के खिलाफ व्यक्तिगत आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज करायी थी। उन्होंने भारत में ‘मी टू’ अभियान के रफ्तार पकड़ने में सोशल मीडिया पर उनका नाम आने के बाद यह शिकायत दर्ज करायी थी।
अकबर ने पहले अदालत को बताया था कि साल 2017 में वॉग मैगजीन के लिए रमानी ने लिखे लेख में जो आरोप लगाए और उसके बाद उन्होंने जो ट्वीट किए वह उनके लिए मानहानिजनक हैं। रमानी के आरोपों के बाद कई महिलाओं ने अकबर पर उस समय यौन शोषण के आरोप लगाए जब वे पत्रकार के तौर पर काम कर रहे थे। अकबर ने इन आरोपों को ‘‘झूठे, गढ़े हुए और काफी तकलीफदेह’’ बताया था और कहा था कि वह उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं।


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