नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण के साथ ही बुधवार से संसद का बजट सत्र शुरू हो गया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने डिफेंस से लेकर ट्रेड तक, भारत की तरक्की और योजनाओं के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के जिक्र से की, लेकिन इससे पहले ही विपक्ष की तरफ से नारेबाजी शुरू हो गई।
इस पूरे मामले पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समेत विपक्ष ने आदतन संसदीय मर्यादा का उल्लंघन किया। उनका कहना था कि संसद में इस तरह के व्यवधान बिल्कुल स्वीकार्य नहीं हैं और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। विपक्ष को इस पर माफी मांगनी चाहिए।
जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया और कहा कि जिस तरह से आज फिर कांग्रेस पार्टी के नेताओं और विपक्ष ने आदतन संसदीय मर्यादा को तार-तार किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है।
उन्होंने बताया कि जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में अभिभाषण दे रही थीं और अपने अभिभाषण में ‘वंदे मातरम’ के 150वें साल मनाए जाने की बात कर रही थीं, पश्चिम बंगाल की धरती से स्वतंत्रता के उद्घोष और अमर मनीषी बंकिम बाबू के कृतित्व को याद कर नमन कर रही थीं, तो अराजकतावादी कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने हंगामा कर दिया और नारे लगाने शुरू कर दिए। ऐसा करके उन्होंने ‘वंदे मातरम’ राष्ट्र गीत का अपमान किया। उन्होंने ऋषि पुरुष बंकिम बाबू का भी अपमान किया। इस दृश्य को पूरे देश ने देखा है।
उन्होंने कहा कि मुझे समझ में नहीं आता कि वंदे मातरम, बंकिम बाबू और पश्चिम बंगाल की धरती से कांग्रेस और इंडी गठबंधन को इतनी नफरत क्यों है? आश्चर्य की बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस भी विपक्षी हंगामे में साझेदार बन रही थी।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोगों ने संसद की गरिमा को जिस तरह ठेस पहुंचाया है, वह अति निंदनीय है। इसकी जितनी भी भर्त्सना की जाए, वह कम है। इन लोगों को संसद और देश से माफी मांगनी चाहिए।
–आईएएनएस
पीआईएम/एबीएम
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