राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भगवान अत्तिवरदर के शुक्रवार को यहां दर्शन किए जिन्हें 40 साल में एक बार मंदिर के सरोवर से बाहर निकाला जाता है। राष्ट्रपति और उनके परिवार का मंदिर के रीति-रिवाजों के अनुरूप स्वागत किया। चेन्नई में आगमन के बाद वह हेलीकॉप्टर से यहां पहुंचे।
तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित कोविंद के साथ उपस्थित थे। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए नगर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भगवान अत्तिवरदर को 40 साल में एक बार मंदिर पुष्करणी (सरोवर) से बाहर लाया जाता है जिसे श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा अवसर माना जाता है और लाखों लोग उनके दर्शन को पहुंचते हैं।
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भगवान की यह प्रतिमा अंजीर की लकड़ी से बनी है जिसे तमिल में ‘अत्ति’ कहा जाता है। पुष्करणी से इन्हें 27 जून को निकाला गया और उस दिन से 48 दिन के लिए खुल गए हैं। भगवान अत्तिवरदर के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु कांचीपुरम पहुंचे हैं और राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन ने इसके लिए विशेष प्रबंध किए हैं।
तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के 12 से 15 जुलाई के अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति शनिवार को चेन्नई में आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। वह आंध्र प्रदेश के तिरुमला-तिरुपति में भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर के भी रविवार को दर्शन करेंगे। बाद में कोविंद भारत के चंद्र मिशन ‘चंद्रयान दो’ के 15 जुलाई के प्रक्षेपण के लिए श्रीहरिकोटा के लिए रवाना होंगे।


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