सीआईसी ने बीपीआरडी से कहा, युवा दोषियों के सुधार और पुनर्वास के बारे में डेटा पता कीजिए

Summary :

विकास ब्यूरो को आरटीआई कानून की धारा 25 के तहत ‘‘राष्ट्रीय थिंक टैंक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने’’ का निर्देश दिया।

केन्द्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने पुलिस शोध संगठन ‘बीपीआरडी’ से देशभर की जेलों में बंद नाबालिग दोषियों के सुधार और पुनर्वास से संबंधित आंकड़े जुटाने और इन पर नजर रखने को कहा। 
सीआईसी ने पुलिस शोध एवं विकास ब्यूरो को आरटीआई कानून की धारा 25 के तहत ‘‘राष्ट्रीय थिंक टैंक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने’’ का निर्देश दिया। 
यह मामला एक आटीआई आवेदक चंद्र प्रकाश से जुड़ा है जिन्होंने नाबालिग अपराधी और बालिग दोषी के बीच उम्र में अंतर के बारे में तथा हर राज्य में नाबालिग और बालिग अपराधियों के तौर पर कैदियों की श्रेणी बनाने के कारण पूछे थे। 
उन्होंने आरटीआई मामलों की सर्वोच्च निर्णय संस्था से गुहार लगाते हुए दावा किया था कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय और बीपीआरडी ने उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया। बीपीआरडी ने दावा किया कि वह इस तरह की जानकारी नहीं रखती जबकि गृह मंत्रालय ने कहा कि कैदी राज्य का विषय हैं। 
 

Desk Team