प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन निरोध कानून (पीएमएलए) के तहत दर्ज, व्यावसायी रतुल पुरी के बयान की प्रति मांगने वाली उनकी याचिका का शुक्रवार को विरोध किया। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे पुरी 3,600 करोड़ रुपये की अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में धन शोधन के आरोपी हैं।
दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। पुरी ने निचली अदालत के छह अगस्त के आदेश को चुनौती दी है। अदालत ने पीएमएलए के प्रावधान 50(2) के तहत दर्ज पुरी के बयान की प्रति उन्हें मुहैया कराने की अर्जी खारिज कर दी थी।
पुरी की ओर से पेश हुए वकील विजय अग्रवाल ने अदालत को बताया कि पीएमएलए के प्रावधान 50 के तहत सुनवाई दीवानी प्रकृति की होती है और यह न्यायिक प्रक्रिया है ऐसे में आरोपी के बयान की प्रति उन्हें मुहैया कराने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। आरोपी का यह बयान 100 पन्नों से ज्यादा लंबा है।
वहीं ईडी की ओर से पेश वकीलों डीपी सिंह और अमित महाजन ने अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि बयान उनकी जांच का हिस्सा है और इस स्तर पर उनका खुलासा नहीं किया जा सकता है। वहीं निचली अदालत ने इसी मामले में पुरी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है और कहा है कि जांच अभी बेहद नाजुक मोड़ पर है।


Download Android App
Download iOS App



