बेंगलुरू : कर्नाटक में एक बार फिर ‘रिजॉर्ट राजनीति’ लौट आई है और इस्तीफा देने वाले 13 विधायकों में से 10 विधायक शनिवार को मुंबई के लिए रवाना हो गए।
इन विधायकों के करीबी सूत्रों ने बताया कि जनप्रतिनिधियों के मुंबई स्थित एक होटल में रुकने की संभावना है। राज्य की गठबंधन सरकार शनिवार को तब संकट में आ गई जब गठबंधन के 13 विधायकों ने अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘अन्य प्रतिद्वंद्वी दलों में हुए घटनाक्रमों से मेरा और मेरी पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मीडिया में आई खबरों में सुना है कि कांग्रेस और जद (एस) विधायकों ने अपनी-अपनी विधानसभा सीटों से इस्तीफा दे दिया है।’’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी सदस्यता अभियान में व्यस्त है। उन्होंने कहा, ‘‘एक चीज मैं कह सकता हूं कि लोग चुनाव के लिए तैयार नहीं हैं। चुनाव सरकारी खजाने पर बोझ हैं।’’
भाजपा विधायक सीएन अश्वथ नारायण ने इन खबरों से इनकार किया कि वह इन विधायकों की यात्रा और उनके मुंबई में ठहरने के इंतजाम में मदद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘विधायक खुद गए हैं। भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं है।’’ जनवरी में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले कांग्रेस ने भाजपा के डर से अपने विधायकों को एक रिजॉर्ट भेज दिया था।
गुजरात कांग्रेस के विधायक भी 2017 में राज्य में ठहरे थे क्योंकि कांग्रेस को डर था कि राज्यसभा चुनाव से पहले विधायक छिटक सकते हैं।
इससे पहले मैसूरू जिला पंचायत चुनाव के दौरान भाजपा और जद (एस) के सदस्य राजनीतिक शिकार के डर से इसी रिजॉर्ट में रुके थे।


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