रायपुर : छत्तीसगढ़ में बीते तीन वर्ष में स्वाइन फ्लू समेत अन्य संक्रामक रोगों के कारण 342 लोगों की मृत्यु हुई है। वहीं, इन रोगों के लगभग छह लाख मरीज अस्पताल में भर्ती किए गए हैं। विधानसभा में विपक्ष के नेता टीएस सिंहदेव ने वर्ष 2015, 2016 और 2017 में राज्य में डायरिया, मलेरिया, स्वाइन फ्लू तथा अन्य संक्रामक बीमारियों से हुई मौत को लेकर सवाल किया।
स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2015, 2016 और 2017 में राज्य में संक्रामक बीमारियों के कारण 5,78,175 लोगों को अस्पतालों में भर्ती किया गया। इनमें से 342 लोगों की मृत्यु इन बीमारियों से हुई। चंद्राकर ने बताया कि इस अवधि में राज्य के अस्पतालों में मलेरिया के 2,10,515 मरीज भर्ती किए गए जिसमें 131 मरीजों की मौत हुई। वहीं स्वाइन फ्लू के 549 मरीज भर्ती किए गए जिनमें से 121 मरीजों की मौत हुई।
उन्होंने बताया कि राज्य के अस्पतालों में डायरिया के 3,63,605 मरीज भर्ती किए गए जिनमें से 81 मरीजों की मृत्यु हुई है। संक्रामक रोगों के 3506 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए जिनमें से नौ लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्री ने अपने जवाब में बताया कि राज्य में इस दौरान डायरिया से सबसे ज्यादा महासमुंद जिले में 14 लोगों की, मलेरिया से बस्तर में 34 लोगों की तथा स्वाइन फ्लू से रायपुर में 35 लोगों की मृत्यु हुई है।
चंद्राकर ने बताया कि राज्य में इन बीमारियों के रोकथाम और उपचार के लिए राज्य के अस्पतालों में जांच की सुविधा तथा दवाईयां उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा रोकथाम के लिए प्रचार प्रसार तथा अन्य गतिविधियां जैसे जल शुद्धिकरण, कीटनाशक दवा का छिड़काव और 48 लाख मच्छरदानियों का वितरण किया गया है।
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