सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) आज अपना 56वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस खास मौके पर हर साल आयोजित होने वाले स्थापना समारोह पर बीएसएफ डीजी राकेश अस्थाना ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, हम देश को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हमारे जवान पाकिस्तान की कायर घुसपैठ की कोशिशों से देश की रक्षा करने के लिए हमेशा खड़े हैं।
स्थापना समारोह पर बोलते हुए डीजी अस्थाना ने कहा, मैं उन सभी बीएसएफ कर्मियों के परिवारों को अपना सम्मान देता हूं, जिन्होंने अपना जीवन कर्तव्य के लिए खो दिया है। बीएसएफ 6,000 किलोमीटर से अधिक लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर जाने वाली देश की सबसे बड़ी पहरेदार है। 25 बटालियन के साथ गठित बीएसएफ में आज 192 मजबूत बटालियन है।

उन्होंने कहा, हाल के दिनों में पाकिस्तान की कायर घुसपैठ की कोशिशों को देखते हुए हम देश को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हमारे जवान इस तरह की घुसपैठ की कोशिशों से देश की रक्षा करने के लिए हमेशा खड़े है। हमारे जवान पाकिस्तान को प्रत्येक हिमाकत का करारा जवाब देंगे।
उन्होंने कहा, बीएसएफ पश्चिमी सीमा पर ड्रोन घुसपैठ का मुकाबला करने के लिए तकनीकी समाधान खोजने के लिए भी काम कर रहा है। 20 जून 2020 को, जम्मू के कठुआ सेक्टर में बीएसएफ ने हथियारों और गोला-बारूद के विशाल पेलोड के साथ एक ड्रोन को रोक दिया था।

बीएसएफ स्थापना दिवस जवानों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इसने खुद को एक बहादुर सैन्य बल के रूप में प्रतिष्ठित किया है, जो देश की रक्षा करने और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नागरिकों की सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, “बीएसएफ ने अपने शौर्य और पराक्रम से अपने आदर्श वाक्य ‘जीवन पर्यन्त कर्तव्य’ को सदैव चरितार्थ किया है। आज बीएसएफ के 56वें स्थापना दिवस पर मैं बल के सभी बहादुर जवानों को उनकी राष्ट्रसेवा और समर्पण के लिए नमन करता हूं। भारत को अपनी रणविजयी ‘सीमा सुरक्षा बल’ पर गर्व है।”


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