भारत में कार खरीदना मध्यम वर्ग के लिए चुनौती बन गया है, क्योंकि 13 लाख की कार पर लगभग 6 लाख टैक्स देना पड़ता है। CA अरविंद थॉमस ने बताया कि GST, सेस और अन्य शुल्कों के चलते कार की असली कीमत से लगभग 50% अधिक टैक्स में चला जाता है, जिससे कार जरूरत नहीं, लग्जरी बन गई है।
भारत में कार खरीदना आज मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हाल ही में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) अरविंद थॉमस ने अपनी लिंक्डइन पोस्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि 13 लाख रुपये की Hyundai Creta पर लगभग 6 लाख रुपये सिर्फ टैक्स के रूप में चुकाने पड़ते हैं! यानी कार की असली कीमत से लगभग 50% अधिक टैक्स में चला जाता है। CA अरविंद थॉमस ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि *12.91 लाख रुपये* की कार पर कुल टैक्स *5.93 लाख रुपये* है, जिसमें शामिल हैं:
– 28% GST → 3.58 लाख रुपये
– 17% Compensation Cess→ 2.17 लाख रुपये
– 1% TCS → 18,573 रुपये
इसके अलावा, रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन फीस, बीमा और ईंधन खर्च अलग से जुड़ते हैं, जिससे कार की कुल लागत और बढ़ जाती है।
कार अब लग्जरी, न कि जरूरत
थॉमस ने कहा कि भारत में कार अब एक आम जरूरत नहीं, बल्कि लग्जरी आइटम बन चुकी है। देश में जहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधाएं पूरी तरह विकसित नहीं हैं, वहां कार एक आवश्यकता होनी चाहिए। लेकिन भारी टैक्स के कारण यह मध्यम वर्ग की पहुंच से दूर होती जा रही है।
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भारत में कारों पर टैक्स सिस्टम
भारत में कारों पर टैक्स इंजन क्षमता और वाहन की लंबाई पर निर्भर करता है:
– छोटी कारें (1200cc तक, 4 मीटर से कम) → 18-28% GST + 1-3% सेस
– बड़ी कारें/SUV (1500cc से अधिक) → 28% GST + 15-22% सेस (कुल 45% तक टैक्स)
यही कारण है कि SUV और प्रीमियम कारें भारत में इतनी महंगी हैं।


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