6 मई का पंचांग : ज्येष्ठ कृष्ण की चतुर्थी तिथि, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय

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नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। तिथि, नक्षत्र, योग, वार और करण के आधार पर दिन की शुरुआत व शुभ-अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। बुधवार 6 मई को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि रहेगी। इस दिन विशेष कार्यों के लिए शुभ-अशुभ समय जानना जरूरी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चतुर्थी तिथि गणेश जी की पूजा के लिए उत्तम मानी जाती है। इस दिन व्रत, पूजा-पाठ और नए कार्य शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त अवश्य देख लें। राहुकाल और अन्य अशुभ समय में यात्रा, महत्वपूर्ण निर्णय या शुभ…

नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। तिथि, नक्षत्र, योग, वार और करण के आधार पर दिन की शुरुआत व शुभ-अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। बुधवार 6 मई को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि रहेगी। इस दिन विशेष कार्यों के लिए शुभ-अशुभ समय जानना जरूरी है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चतुर्थी तिथि गणेश जी की पूजा के लिए उत्तम मानी जाती है। इस दिन व्रत, पूजा-पाठ और नए कार्य शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त अवश्य देख लें। राहुकाल और अन्य अशुभ समय में यात्रा, महत्वपूर्ण निर्णय या शुभ कार्य टालना चाहिए।

बुधवार को सूर्योदय 5 बजकर 37 मिनट पर होगा व सूर्यास्त शाम 6 बजकर 59 मिनट पर होगा। चंद्रोदय रात 11 बजकर 23 मिनट पर व चंद्रास्त अगले दिन (7 मई) सुबह 8 बजकर 31 मिनट पर होगा। तिथि ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जो 6 मई सुबह 7 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। इसके बाद पंचमी शुरू हो जाएगी। हालांकि, उदयातिथि (सूर्योदय के समय जो तिथि हो) के आधार पर पूरे दिन चतुर्थी का ही मान होगा।

नक्षत्र मूल रहेगा दोपहर 3 बजकर 54 मिनट तक, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र लगेगा। योग सिद्ध योग 7 मई की सुबह 1 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।

बुधवार विघ्न विनाशन श्री गणेश को समर्पित है। इस दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 12 मिनट से 4 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। प्रातः सन्ध्या सुबह 4 बजकर 33 मिनट से 5 बजकर 37 मिनट तक, अमृत काल सुबह 8 बजकर 42 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। वहीं, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 32 मिनट से 3 बजकर 25 मिनट तक रहेगा और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 58 मिनट से 7 बजकर 19 मिनट तक रहेगा और निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट (7 मई) तक रहेगा। ये समय व योग महत्वपूर्ण शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है।

अशुभ समय का विचार भी जरूरी है। राहुकाल दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक, यमगंड सुबह 7 बजकर 17 मिनट से 8 बजकर 57 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 10 बजकर 38 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। वर्ज्य समय दोपहर 2 बजकर 6 मिनट से 3 बजकर 54 मिनट तक और गण्ड मूल सुबह 5 बजकर 37 मिनट से दोपहर 3 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।

–आईएएनएस

एमटी/एएस

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