केंद्र सरकार ने गुरुवार को साफ किया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन-आयुष्मान भारत के तहत लाभ लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। किसी को भी आधार नंबर नहीं होने से स्वास्थ्य सुविधाओं से इनकार नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि एबीएनएचपीएम के दिशानिर्देर्शो में लाभार्थी की पहचान पर साफ कहा गया है कि लोगों के पास अगर आधार नहीं है तो राज्य द्वारा मान्य कोई भी वैध पहचान प्रमाण पत्र ला सकते हैं।
आयुष्मान भारत 10 करोड़ गरीब व कमजोर परिवारों को हर साल द्वितीयक व तृतीय श्रेणी के अस्पतालों में देखभाल के लिए 5 लाख रुपये प्रति परिवार का कवरेज प्रदान करेगा। मंत्रालय का यह स्पष्टीकरण आयुष्मान भारत के तहत लाभ लेने के लिए आधार कार्ड को जरूरी बताने की रिपोर्ट के मद्देनजर आया है।
विज्ञप्ति में कहा गया कि स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा ने इसकी पुष्टि की है कि हम सभी योग्य लाभार्थियों को आधार कार्ड के साथ या बिना आधार के सुविधाएं प्रदान करेंगे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि केंद्र ने अपनी महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाभार्थियों के लिए राजपत्रित अधिसूचना प्रकाशित कर आधार अनिवार्य को अनिवार्य बनाया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि रिपोर्ट वास्तव में गलत है। इस योजना का लाभ लेने के लिए पहचान के दस्तावेज के विकल्पों में राशन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड व मनरेगा कार्ड मान्य है।


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