महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने बीते दिनों दिए गए अपने विवादित बयान के चलते गिरफ्तारी से बचने के लिए मुंबई के सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। दरअसल, सपा विधायक अबू आजमी ने औरंगजेब का गुणगान किया था, जिसके बाद उनके खिलाफ कई स्थानों पर एफआईआर दर्ज की गईं।
महाराष्ट्र विधानसभा के परिसर में अबू आजमी ने औरंगजेब को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया था, जिसके बाद इस बयान पर भारी विवाद खड़ा हो गया। उनके इस बयान के बाद मुंबई और ठाणे पुलिस ने बीएनएसआईपीसी की धारा 299, 302, 356(1), 356(2) के तहत मामला दर्ज किया था।
अबू आजमी को UP भेज दो, इलाज कर देंगे, औरंगजेब की तारीफ पर भड़के CM Yogi
अबू आजमी ने मंगलवार को गिरफ्तारी से बचने के लिए मुंबई सेशन कोर्ट का रुख किया। उन्होंने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करते हुए कोर्ट से राहत की गुहार लगाई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अबू आजमी को 20 हजार रुपये का सॉल्वेंट सिक्योरिटी बांड देने को कहा और उन्हें जांच अधिकारी के समक्ष 12, 13 और 15 मार्च को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच पेश होने का आदेश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने उन्हें यह भी निर्देश दिया कि वह मामले के सबूतों से छेड़छाड़ न करें।
बता दें कि सपा नेता अबू आजमी ने बीते दिनों मुगल शासक औरंगजेब की तारीफ की थी। अबू आजमी ने कहा था, “औरंगजेब इंसाफ पसंद बादशाह था। उसके कार्यकाल में ही भारत सोने की चिड़िया बना। मैं औरंगजेब को क्रूर शासक नहीं मानता हूं। औरंगजेब के समय में राजकाज की लड़ाई थी, धर्म की नहीं थी, हिंदू-मुसलमान की लड़ाई नहीं थी। औरंगजेब ने अपने कार्यकाल में कई हिंदू मंदिरों का निर्माण करवाया। औरंगजेब को लेकर गलत इतिहास दिखाया जा रहा है।”
हालांकि,बाद में अबू आजमी ने अपने बयान पर सफाई पेश करते हुए कहा कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।


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