एक्सेंचर में नौकरी के लिए आया जापान, अब नेशनल क्रिकेट टीम में चयन, अभिषेक आनंद की कहानी है अविश्वसनीय

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टोक्यो, 21 सितंबर (आईएएनएस)। जापान की नेशनल क्रिकेट टीम में चुने गए भारतीय मूल के क्रिकेटर अभिषेक आनंद ने अपने सफर को अविश्वसनीय बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह जापान की नेशनल टीम के लिए खेलेंगे। जापान से आईएएनएस से बात करते हुए अभिषेक आनंद ने कहा, “जापान तक का मेरा सफर काफी अविश्वसनीय रहा है और मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं जापान की नेशनल टीम के लिए खेलूंगा। कॉलेज प्लेसमेंट के दौरान जापानी कंपनियां आई थीं। हालांकि मैंने विदेश जाने का कोई प्लान नहीं बनाया था। मैं भारत में ही रहकर…

टोक्यो, 21 सितंबर (आईएएनएस)। जापान की नेशनल क्रिकेट टीम में चुने गए भारतीय मूल के क्रिकेटर अभिषेक आनंद ने अपने सफर को अविश्वसनीय बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह जापान की नेशनल टीम के लिए खेलेंगे।

जापान से आईएएनएस से बात करते हुए अभिषेक आनंद ने कहा, “जापान तक का मेरा सफर काफी अविश्वसनीय रहा है और मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं जापान की नेशनल टीम के लिए खेलूंगा। कॉलेज प्लेसमेंट के दौरान जापानी कंपनियां आई थीं। हालांकि मैंने विदेश जाने का कोई प्लान नहीं बनाया था। मैं भारत में ही रहकर नौकरी और क्रिकेट दोनों जारी रखना चाहता था। फिर भी मैंने इंटरव्यू देने का फैसला किया और एक्सेंचर जापान के लिए चुन लिया गया।”

अभिषेक ने कहा, “ऑफर स्वीकार करने या न करने का फैसला करने के लिए मुझे दो घंटे का समय दिया गया था। मैंने जापान में क्रिकेट के बारे में जानकारी जुटाई और पाया कि उनकी टीम ईस्ट एशिया-पैसिफिक वर्ल्ड कप क्वालिफायर के लिए क्वालिफाई कर चुकी थी, जिससे मुझे उम्मीद जगी। मैंने ऑफर स्वीकार कर लिया और जापान चला गया, टोक्यो फाल्कन्स क्रिकेट क्लब से जुड़ा और तीन साल तक खेला। इसके बाद जापान क्रिकेट एसोसिएशन (जेसीए) ने मेरे प्रदर्शन को देखते हुए 2025 में मुझे नेशनल टीम के लिए चुन लिया।”

जापान टीम में चयन की प्रक्रिया पर बात करते हुए कहा, “अक्सर लोग जापान टीम में चुने जाने के तरीकों के बारे में पूछते हैं। नेशनल टीम में शामिल होने के लिए तीन योग्यता शर्तें हैं: या तो आप लगातार तीन साल से जापान में रह रहे हों, जापान में पैदा हुए हों या आपके पास जापानी पासपोर्ट हो। मेरे मामले में, जापान में लगातार तीन साल रहने की पहली शर्त पूरी हो गई थी; हालांकि, यह सिर्फ शुरुआती शर्त है। इसके साथ ही, जापान में क्रिकेट को लेकर आपका प्रदर्शन और अनुशासन दूसरी शर्त के तौर पर देखा जाता है। चूंकि मैंने ये दोनों शर्तें पूरी की थीं, इसलिए मेरे चुने जाने में कोई शक नहीं था और इसी तरह मैं नेशनल टीम में शामिल हुआ।”

उन्होंने कहा, “उस समय मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं सिर्फ तीन साल में नेशनल टीम में जगह बना पाऊंगा। मैं बहुत उत्साहित था क्योंकि मुझे लगा था कि टीम में आने में कम से कम चार-पांच साल लगेंगे लेकिन मेरा चयन सिर्फ तीन साल में ही हो गया। मैं बहुत खुश था और मैंने अपने क्लब के सदस्यों, मैनेजरों और परिवार को इसकी जानकारी दी; वे सभी भी इसे लेकर बहुत उत्साहित थे।”

अभिषेक ने बताया, “जब से मैं यहां आया हूं, जापान में क्रिकेट बहुत तेजी से आगे बढ़ा है। जब से मैं जापान टीम से जुड़ा हूं, तब से इसमें जबरदस्त तरक्की हुई है, चाहे वह महिला टीम हो या पुरुष टीम। क्रिकेट में काफी विकास हुआ है और मुझे लगता है कि आने वाले कुछ सालों में यह दुनियाभर में पहचानी जाने वाली टीमों में से एक बन जाएगी।”

भारत बनाम जापान मैच को लेकर उन्होंने कहा, “देखिए, मैं उस मैच को लेकर उत्साहित हूं; हालांकि मैं टीम में शामिल नहीं हूं लेकिन मैं टीम के साथ रहकर उन्हें सपोर्ट करूंगा। चूंकि मैं भारत से हूं, इसलिए मैं भारत और जापान दोनों को सपोर्ट करूंगा।”

–आईएएनएस

एससीएच/पीएम

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IANS Agency

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