भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के निदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद अगर शरीर में पांच महीने में एंटी बॉडीज़ कम होती हैं तो शख्स फिर से संक्रमित हो सकता है। अधिकारी ने संक्रमण से बचाव के लिए लोगों से मास्क लगाने और उचित व्यवहार का पालन करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि , “हम आंकड़े देख रहे हैं कि कितने लोग संक्रमित हुए, ठीक हुए और फिर संक्रमित हुए। आम तौर पर हम जानते हैं कि शरीर में एंटी बॉडीज़ तीन से पांच महीने तक रहती हैं।” उन्होंने प्रेस वार्ता में एक सवाल के जवाब में कहा, “सीडीसी ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति 90 दिन के बाद फिर से संक्रमित हो जाता है तो आप इसे पुनःसंक्रमण बताते हैं। हम इसके अनुसार आंकड़ों को देख रहे हैं। जब यह हमारे पास उपलब्ध होंगे तो हम यह आपको दिखाएंगे।”
उन्होंने कहा कि कुछ अध्ययन बताते हैं कि एंटी बॉडीज़ तीन महीने तक शरीर में रहती हैं जबकि कुछ कहना है कि यह पांच महीने तक रहती हैं। भार्गव ने कहा कि यह नई बीमारी है, इसलिए अभी सीमित जानकारी है। संक्रमण से ठीक होने के बाद अगर पांच महीने के अंदर किसी शख्स के शरीर में एंटी बॉडीज़ कम होती हैं तो उसके फिर से कोविड-19 से संक्रमित होने की आशंका है।


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