रायपुर: शिक्षाकर्मियों की हड़ताल समाप्त ही हुई थी कि अब प्रदेश भर के स्वास्थ्यकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में है। इसके लिए स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ द्वारा रणनीति तैयार की जा रही है, ये स्वास्थ्यकर्मी जनवरी या फिर फरवरी माह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते है। इस बार ये स्वास्थ्यकर्मी आर पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश साहू ने बताया कि संघ के द्वारा अपनी नौ सूत्रीय मांगों को लेकर साल 2015 में अनिश्चितकलीन हड़ताल किया गया था।
जिसे बाद में इस आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया था कि विभाग की ओर से उनकी मांगों को लेकर को सरकार के पास प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जिस पर प्रशासनिक सुधार आयोग की अनुशंसा/निर्णय के बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी। चर्चा के दौरान मुकेश ने बताया कि इस बात को करीब दो साल से ज्यादा का समय बीत चुका है।
इसके बाद भी अब तक न तो विभाग ने उनकी मांगो को पूरा किया है और न ही सरकार की ओर से कोई पहल की गई है। और यही कारण है कि अब वे एक बार फिर अपनी मांगो को लेकर हड़ताल पर जाने की तैयारी में जुट गये है। मुकेश का कहना है कि इस बार यह हड़ताल तब तक समाप्त नहीं होगी जब तक की सरकार उनकी मांगे पूरी न कर दे। मुकेश ने यह भी कहा कि बजट सत्र के पहले जनवरी या फरवरी माह में कभी भी वे अनिश्चितकालिन हड़ताल पर जा सकते है।
गौरतलब है कि ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों का वेतनमान 1300-34800 व ग्रेड पे 4400 रुपए व स्वास्थ्य पर्यवेक्षक महिला एवं पुरुष का वेतन 9300-34800 व ग्रेड पे 4800 रुपए अप्रैल 2006 से दिया जाये। इस मांग को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों 26 अक्टूबर 2015 में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये थे, यह हड़ताल करीब 15 दिनों से ज्यादा समय तक चली थी। जिसके बाद प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई थी।
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