विमान हादसे के बाद देश भर में मातम का माहौल है। प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं राहत-बचाव कार्य में लगी हुई हैं। (आरएसएस) के कार्यकर्ता इन दिनों सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं। हादसे के बाद से संघ के स्वयंसेवक लगातार घटना स्थल के आसपास और अस्पतालों में पीड़ितों की मदद कर रहे हैं।
गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को हुए विमान हादसे के बाद देश भर में मातम का माहौल है। प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं राहत-बचाव कार्य में लगी हुई हैं। इसी बीच, कुछ ऐसे चेहरे और संगठन भी हैं जो बिना किसी प्रचार के निःस्वार्थ भाव से सेवा में लगे हुए हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता इन दिनों सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं। हादसे के बाद से संघ के स्वयंसेवक लगातार घटना स्थल के आसपास और अस्पतालों में पीड़ितों की मदद कर रहे हैं। न कोई टीवी कैमरा, न कोई बयान, बस सेवा का भाव और मानवीय कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं।घटनास्थल के आसपास और अस्पतालों में स्वयंसेवक लोगों को भोजन, पानी, ठंडी छाछ और अन्य जरूरी चीजें उपलब्ध करा रहे हैं। कई जगहों पर उन्होंने पानी की टंकियां और कूलर छाछ स्टॉल लगवाए हैं, ताकि गर्मी से बेहाल लोग राहत महसूस कर सकें। कुछ स्वयंसेवक रात भर घटनास्थल पर डटे रहे, ताकि जरूरतमंदों को तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।
बता दें कि गुरुवार को लंदन जाने के लिए अहमदाबाद से उड़ान भरने वाले एयर इंडिया के इस विमान में 230 यात्री और चालक दल के 12 सदस्य सवार थे। इस हादसे में केवल एक यात्री विश्वास कुमार रमेश जीवित बचे, जो सीट नंबर 11ए पर बैठे थे। वह भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लगभग 20 मिनट तक घटनास्थल का मुआयना किया और राहत कार्यों में लगे अधिकारियों और एनडीआरएफ की टीमों से जानकारी ली। इसके बाद, वह अहमदाबाद के सिविल अस्पताल गए, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की, उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और एकमात्र जीवित बचे यात्री विश्वास कुमार रमेश से भी बात की। अस्पताल में भर्ती घायलों में कुछ हॉस्टल के छात्र थे।


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